पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उनके नेता एक के बाद एक झटके दे रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस छोड़ने के अगले ही दिन मंगलवार को डायमंड हार्बर के विधायक दीपक हलदर बीजेपी में शामिल हो गए हैं। दो बार के विधायक हलदर पश्चिम बंगाल के दक्षिणी 24 परगना जिले में यहां एक जनसभा में कई अन्य तृणमूल नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बीजेपी में शामिल हुए।
उनका निर्वाचन क्षेत्र, डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी के लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। हलदर ने तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व पर लोगों के लिए उन्हें काम नहीं करने देने का आरोप लगाते हुए सत्तारूढ़ पार्टी छोड़ी है। वह हाल ही में बनर्जी की एक जनसभा में नहीं पहुंचे थे। इससे उनके अगले राजनीतिक कदम के बारे में अटकलें लगने लगी थीं।
हाल ही में उन्होंने कहा था कि मैं दो बार विधायक चुना गया हूं, लेकिन 2017 के बाद से मुझे जनता के लिए ठीक से काम नहीं करने दिया जा रहा। नेतृत्व को सूचित किए जाने के बावजूद हालात को सुधारने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। मुझे पार्टी कार्यक्रमों की कोई जानकारी नहीं मिलती। मैं अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों और समर्थकों के प्रति जवाबदेह हूं।
West Bengal: Dipak Haldar, Diamond Harbour MLA, joins Bharatiya Janata Party (BJP) in presence of party leaders Mukul Roy and Suvendu Adhikari.
Dipak Halder had resigned from Trinamool Congress yesterday. pic.twitter.com/oogpRVcSes
— ANI (@ANI) February 2, 2021
हलदर पिछले कुछ महीनों से पार्टी नेतृत्व के खिलाफ लगातार बोल रहे थे। हलदर को बीजेपी नेता सोवन चटर्जी का तब से निकट सहयोगी माना जाता है, जब चटर्जी तृणमूल में थे। उन्होंने चटर्जी से दक्षिण कोलकाता स्थित उनके आवास पर हाल में मुलाकात की थी। हलदर को जिले के एक कॉलेज में पार्टी के छात्र मोर्चे के प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच झड़प में कथित संलिप्तता के लिए गिरफ्तार किए जाने के बाद 2015 में पार्टी से निलंबित कर दिया गया था। बाद में, उन्हें जमानत मिल गई थी और उन्हें पार्टी में पुन: शामिल कर लिया गया।
2019 के लोकसभा चुनाव के बाद से तृणमूल के कई विधायक बीजेपी में शामिल हो चुके हैं। राज्य में इस साल अप्रैल-मई में चुनाव होने वाले हैं।







