ममता बनर्जी मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने वाले तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता राजीव बनर्जी ने शुक्रवार को कहा कि पार्टी नेताओं के एक धड़े के खिलाफ आवाज उठाने पर उनके खिलाफ हो रहे व्यक्तिगत हमलों से बेहद आहत हो कर उन्होंने राज्य के वन मंत्री के पद से इस्तीफा दिया है। बनर्जी ने हालांकि आने वाले दिनों में पार्टी छोड़ने की योजना के बारे में पूछे जाने पर कोई जवाब नहीं दिया।
उन्होंने राज भवन में राज्यपाल जगदीप धनखड़ से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा, ”पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं से मुझे कुछ शिकायतें थीं और मैंने पार्टी नेतृत्व को उस बारे में बता दिया था। पार्टी प्रमुख के साथ मेरी बात भी हुई थी, लेकिन कुछ नहीं हुआ। बल्कि नेताओं के एक धड़े ने मुझ पर व्यक्तिगत हमले किए।” उन्होंने कहा कि मैं व्यक्तिगत हमले से बेहद आहत हुआ, इसलिए मैंने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया।
दोमजूर से विधायक ने कहा कि जब उन्हें बिना नोटिस के सिंचाई मंत्री के पद से हटाया गया था तब भी उन्होंने मंत्रिमंडल छोड़ने का फैसला किया था, लेकिन तब मुख्यमंत्री ने मुझे ऐसा करने से रोक दिया था। बनर्जी ने मुख्यमंत्री का शुक्रिया अदा किया और कहा कि ‘राज्य की जनता की सेवा करने का मौका देने के लिए वह सदैव उनके ऋणी रहेंगे।
I don’t believe in predictions. No one knows about the future. Till today I am a party worker and I will continue to do that: Rajib Banerjee, TMC leader. #WestBengal pic.twitter.com/6BfIVNU31F
— ANI (@ANI) January 22, 2021
40 से अधिक टीएमसी विधायक पाला बदलने को तैयार: बीजेपी
वहीं, बीजेपी ने हाल ही में दावा किया है कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के कई विधायक उसके संपर्क में है, लेकिन वह किसी जल्दबाजी में नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 23 जनवरी व गृह मंत्री अमित शाह के 30 जनवरी के दौरों के से भाजपा के मिशन को और मजबूती मिलने की उम्मीद है। हालांकि, दावा करते हुए कैलाश विजयवर्गीय ने नामों का खुलासा नहीं किया है। पार्टी सूत्रों की मानें तो बीजेपी इस मामले में कोई जल्दबाजी नहीं करेगी, बल्कि धीरे-धीरे तृणमूल को झटका देगी। पार्टी में लगभग एक दर्जन नेता शामिल हो सकते हैं, लेकिन उनको एक-दो कर लिया जाएगा। इसके पीछे मकसद चुनाव तक विरोधी खेमे में भगदड़ की स्थिति बनाए रखना है।







