पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा की जांच के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की टीम मंगलवार को जादवपुर पहुंची। इस बीच आयोग की टीम ने कहा कि यहां उन पर भी गुंडों की ओर से हमला किया जा रहा है। आयोग के एक अधिकारी ने कहा, ‘जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि चुनाव के बाद हुई हिंसा में 40 से ज्यादा घरों को तबाह कर दिया गया। हमें भी यहां गुंडों के हमले झेलने पड़ रहे हैं।’ इस बीच राज्यसभा सांसद स्वप्न दास गुप्ता ने एनएचआरसी के सदस्य राजीव जैन को खत लिखकर बंगाल की हिंसा को लेकर चिंता जताई।

दासगुप्ता ने लिखा, ‘मैं आपको ध्यान दिलाना चाहता हूं कि यहां कानून और व्यवस्था पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। तारकेश्वर में लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। चुनाव के इतने दिन बाद भी उन पर हमले हो रहे हैं। इसकी वजह कुछ और नहीं है बल्कि उनके राजनीतिक चुनाव के चलते यह किया जा रहा है।’ कोलकाता हाई कोर्ट की ओर से 18 जून को दिए गए आदेश के तहत एनएचआरसी ने 7 सदस्यों की टीम  का गठन किया है। रविवार से ही यह टीम पश्चिम बंगाल के दौरे पर है और चुनाव के बाद हुई हिंसा की शिकायतों की जांच कर रही है और पीड़ितों से मुलाकात कर रही है।

इस कमिटी के मुखिया एनएचआरसी के सदस्य राजीव जैन हैं, जो लगातार लोगों से मिल रहे हैं और उनकी शिकायतें सुन रहे हैं। इस टीम को शुरुआत में रविवार और सोमवार को ही दौरा करना था, लेकिन लोगों की शिकायतों और बातचीत की रुचि को देखते हुए इस विजिट को एक दिन और बढ़ाते हुए मंगलवार तक करने का फैसला लिया गया था। बता दें कि राज्य की ममता बनर्जी सरकार ने एनएचआरसी की टीम के गठन का विरोध किया था, लेकिन हाई कोर्ट ने उसकी इस याचिका को खारिज कर दिया था। इसके बाद ही 7 सदस्यों की टीम  का गठन किया गया था।





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