बलरामपुर
आतंकी अबू यूसुफ उर्फ मुस्तकीम के गिरफ्तारी के 7 दिन बाद बलरामपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 5 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। आतंकी के घर से तबाही के सामान की बरामदगी और लोकल इंटेलिजेंस के फेल होने को लेकर बलरामपुर पुलिस सवालों के घेरे में थी। गौरतलब है कि बीते 21 अगस्त को दिल्ली के धौलाकुआ से आतंकी साजिश रचने के आरोप में दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने आतंकी अबू यूसुफ उर्फ मुस्तकीम को गिरफ्तार किया था।

आरोप है कि अबू यूसुफ ने बलरामपुर के गांव के पास एक कब्रिस्तान में एक टेस्ट ब्लास्ट किया था, लेकिन इसकी जानकारी के बावजूद पुलिस और लोकल इंटेलिजेंस यूनिट उसकी आतंकी साजिश को समझने में नाकाम रही। वहीं गिरफ्तारी के बाद टीम 22 अगस्त की देर शाम आतंकी को लेकर बलरामपुर में उतरौला कोतवाली क्षेत्र के उसके गांव बढ़या भैसाही लेकर गई। जहां पर उसके कमरे से दो फिदायीन जैकेट, भारी मात्रा में विस्फोट, बम बनाने का सामान आईएसआईएस का झंडा सहित तमाम दहशतगर्दी का सामान बरामद हुआ था।

बलरामपुर में ISIS आतंकी के घर से मिले विस्फोटक और सूइसाइड जैकेट बरामद, खौफनाक प्लान

22 अगस्त को गिरफ्तार हुए थे चार लोग
पुलिस ने आतंकी की निशानदेही पर 22 की शाम को ही पूछताछ के लिए चार लोगों को हिरासत में भी लिया था जिन्हे पूछताछ के बाद 23 अगस्त को छोड़ दिया गया। ये वे लोग थे जिनसे आतंकी मुस्तकीम ने दो साल के भीतर धीरे धीरे विस्फोटक बनाने के लिए प्रयोग होने वाले सामानों की खरीदारी की थी।

अप्रैल में किया था टेस्ट ब्लास्ट
छानबीन में यह भी पता चला कि अप्रैल में आतंकी ने गांव के पास ही कब्रिस्तान में एक टेस्ट ब्लास्ट भी किया था जिसकी आवाज गांव वालों ने भी सुनी थी। इन सब के बावजूद स्थानीय पुलिस व लोकल इंटेलिजेंस यूनिट को आतंकी के मंसूबों के बारे में कोई सूचना नहीं थी। इसी घोर लापरवाही करने व सूचनाओं का संकलन ना करने आरोप में जांच के बाद प्राथमिक तौर पर दोषी पाये जाने पर पुलिस अधीक्षक देव रंजन वर्मा ने उतरौला कोतवाली के तत्कालीन एसएसओ अनिल यादव, हल्का प्रभारी शशिभूषण पाण्डेय, बीट आरक्षी रमेश कुमार व पंकज कुमार और एलआईयू बीट प्रभारी अनिल यादव को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।



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