सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अदार पूनावाला का कहना है कि इस माह के अंत तक देश में कोरोना वैक्सीन के आपात इस्तेमाल की अनुमति मिल सकती है। जनवरी से भारत में टीकाकरण अभियान शुरू हो सकता है। अदार पूनावाला ने एक ग्लोबल बिजनेस समिट में कहा कि उम्मीद है कि इस माह के अंत तक एसआईआई को वैक्सीन के आपात इस्तेमाल का लाइसेंस मिल सकता है, लेकिन उसके इस्तेमाल की अनुमति बाद में मिलेगी। उन्हें भरोसा है कि नियामक की मंजूरी मिलते ही जनवरी 2021 से भारत में कोरोना के खिलाफ टीकाकरण अभियान शुरू हो जाएगा। एसआईआई ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर कोरोना वैक्सीन बना रहा है।

पूनावाला ने बताया कि उनकी कंपनी सरकार के साथ-साथ निजी बाजार के लिए कोरोना वैक्सीन की डोज तैयार कर रही है। केंद्र सरकार अगले साल जुलाई तक टीके की 30 से 40 करोड़ खुराक खरीदना चाहती है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की योजना देश की 20 से 30 फीसदी आबादी को कोरोनारोधी टीका देने की है। उन्होंने संभावना जताई कि अगले साल अक्तूबर तक देश की अधिकांश आबादी को कोरोना वैक्सीन का टीका लग जाएगा। तब ही जिंदगी सामान्य होगी। 

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‘टीका संक्रमण का प्रसार रोकने में सक्षम है या नहीं, पता नहीं’

पूनावाला ने कहा कि कोरोना वैक्सीन के बारे में अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि ये वैक्सीन वायरस के संक्रमण से व्यक्ति का बचाव करने के साथ संक्रमण के प्रसार को रोकने में सक्षम है या नहीं। पूनावाला ने कहा कि अभी तक उन्हें भी इसका पता नहीं । देश की 20 फीसदी आबादी को जब कोरोना वैक्सीन का टीका लग जाएगा, तब ही भरोसा लौटेगा और धारणा मजबूत होगी। उम्मीद है कि अगले साल सितंबर और अक्टूबर तक हर व्यक्ति के लिए वैक्सीन उपलब्ध होगी और जीवन सामान्य हो जाएगा।

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ SII ने की साझेदारी

कोरोना वैक्सीन के लिए सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने वैश्विक दवा कंपनी एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के साथ साझेदारी की है। कोविड-19 महामारी के टीके के तीसरे चरण के परीक्षण के अंतरिम परिणाम कुछ समय पहले जारी किए गए थे। शुरुआती संकेतों से पता चला था कि यह टीका बिना लक्षण वाले संक्रमण के मामलों में वायरस के प्रसार को कम कर सकता है। दो ट्रायल के संयुक्त विश्लेषण के आधार पर टीका औसतन 70 फीसदी प्रभावी रहा है। भारत में इस टीके को कोविशील्ड नाम दिया गया है। 



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