प्याज की आसमान छूती कीमतों को देखते हुए केन्द्र की तरफ से इसके निर्यात पर रोक के बाद सीमावर्ती पश्चिम बंगाल में प्याज काफी सस्ता बिक रहा है। इसकी वजह ये है कि जो ट्रक बांग्लादेश जा रहे थे उसे बंगाल की थोक मार्केट में भेज दिया गया। इसके बाद शुक्रवार को कोलकाता में प्याजा का भाव 35 से 40 रुपये रहा जबकि सिलीगुड़ी में प्याज 35 से 28 रुपये तक बिका।
पश्चिम बंगाल एक्सपोर्ट कॉर्डिनेशन कमेटी के महासचिव उज्जल साहा ने कहा, “बांग्लादेश के लिए प्याज से भरे सैकड़ों ट्रक पश्चिम बंगाल में जगह- मालदा, नॉर्थ दिनाजपुर, कूच बिहार, जलपाईगुड़ी और नॉर्थ 24 परगना जिलों में पांच दिनों तक फंसा रहा। औसत रूप से एक ट्रक में 25 मीट्रिक टन प्याज की ढुलाई की जाती है। रोक के बाद नीचे का प्याज सड़ने लगा। हमें आशंका है कि कुल माल का करीब 10 फीसदी खराब हो गया।”
केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले डायरेक्टर जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (डीजीएफटी) ने 14 सितंबर को एक नोटिफिकेशन जारी किया और विदेशों में प्याज के निर्यात पर रोक लगा दी।
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साहा ने कहा, “15 सितंबर को हमने डीजीएफटी को एक पत्र लिखा और कहा कि निर्यातकों को इस आदेशों को लागू करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा क्योंकि आयात करने वाले देशों के बैंक क्रेडिट जारी करने पर ट्रकों में माल को भेजा जा चुका है। इन मालों को स्थानीय मार्केट में भेजना प्रतिबद्धता का उल्लंघन होगा।’
साहा ने कहा, हमनें सरकार से अनुरोध किया है कि वे कम से कम उन ट्रकों को जाने की इजाजत दे दें जो 14 सितंबर से पहले ही सीमा पर पहुंच चुके हैं।
पश्चिम बंगाल सरकार के आवश्यक वस्तुओं के लिए बने टास्क फोर्स के सदस्य रबिन्द्र कोलेय जो कीमतों की निगरानी कर रहे हैं, उन्होंने कहा- माल को लेटर ऑफ क्रेडिट पर नहीं जारी किया गया, लिहाजा स्थानीय थोक बाजार में निर्यातकों की तरफ से उन प्याज के ट्रकों को भेजा गया है। इसकी वजह से प्याज की कीमत काफी गिर गई है। मैंने खुद कोलकाता के बाजार में आज 35 रुपये किलो प्याज खरीदा है। इससे पहले, प्याज की कीमत शुरुआती हफ्ते में 40 रुपये किलो थी।
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