त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्थल पर हुए हमले को एक बड़ी साजिश का हिस्सा बताया है। उन्होंने मंगलवार को कहा कि ऐसा करके भारत और बांग्लादेश के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
अगरतला में मीडिया से बात करते हुए बिप्लब देब ने आगे कहा कि भारत और बांग्लादेश दोनों लंबे समय से सौहार्दपूर्ण संबंध साझा करते हैं। कट्टरपंथियों ने रिश्ते को खराब करने की साजिश रची है। हमें विश्वास है कि बांग्लादेश प्रशासन ऐसी घटनाओं के संबंध में सख्त कार्रवाई करेगा। उन्होंने अल्पसंख्यकों पर हमलों को दर्दनाक और शर्मनाक बताया।
देब ने बताया कट्टरपंथी ताकतों की साजिश
देब ने कहा कि बांग्लादेश प्रशासन ने कुछ लोगों को हिंसा में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया है और उनके कथित तौर पर कट्टरपंथी संगठनों से संबंध हैं। देब ने कहा कि यह दुर्गा पूर्जा के दौरान बांग्लादेश में धार्मिक और सांस्कृतिक संस्थानों पर हमलों के माध्यम से रची गई कट्टरपंथी ताकतों की साजिश है।
त्रिपुरा से लगती है बांग्लादेश की सीमा
त्रिपुरी की सिविल सोसायटी ने भी बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए सुरक्षा और हिंसा में शामिल अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग की है। बता दें कि त्रिपुरा बांग्लादेश के साथ 856 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है। यह हिंसा 15 अक्टूबर को उस समय शुरू हुई थी जब बांग्लादेश के नोआखली जिले में कुरान के कथित अपमान को लेकर सैकड़ों लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था।







