बालों को तस्करी के जरिए म्यांमार के रास्ते चीन भेजे जाने के मामले में ED की बड़ी कार्रवाई


Human Hair Smuggling: कच्चे मानव बालों को तस्करी के जरिए म्यांमार (Myanmar)  से चीन (China) भेजे जाने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने हैदराबाद से लेकर मिजोरम के आईजोल तक और म्यांमार के भारतीय सीमावर्ती शहर चंपई तक कई स्थानों पर छापेमारी की. इस छापेमारी के दौरान पता चला कि इस तस्करी के बदले आने वाले पैसे को अवैध तरीके से भारत की शैल कंपनियों के खाते में भेजा जा रहा था. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ऐसे 139 बैंक खातों को सील करने के आदेश दिए हैं. साथ ही छापेमारी के दौरान लगभग सवा करोड़ रुपए की नकदी, आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण बरामद हुए हैं. यह कच्चे मानव बाल म्यांमार के रास्ते चीन को तस्करी किए जाने का शक है.

केंद्र सरकार ने मानव बालों के निर्यात पर अंकुश लगाया था. इसके तहत मानव बालों को निर्यात करने वालों को डीजीएफटी की अनुमति या लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया था. कच्चे मानव बालों के जरिए बालों की विग बनाए जाने का काम किया जाता है और इस मामले में भारत के प्रमुख प्रतियोगी चीन कंबोडिया और म्यांमार है. 

चीन (China) में सबसे ज्यादा बालों की विग बनाई जाती है. दुनिया भर में बालों की विग के बाजार हैं और 70 फ़ीसदी बाजार पर चीन का कब्जा बताया जाता है. इस मामले ने तब जोर पकड़ा था जब म्यांमार से लगी भारतीय सीमा में सुरक्षाबलों ने कई बोरे मानव बाल के पकड़े थे. माना जा रहा था कि इन बालों को म्यांमार के रास्ते चीन भेजा जा रहा था. यह आरोप भी लगे थे कि कई बड़े मंदिरों में दान किए जाने वाले बालों को अवैध तरीके से बेचा जा रहा था.

प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) के मुताबिक ऑनलाइन चीनी सट्टेबाजी मोबाइल एप्लीकेशन की फंड ट्रेल जांच के दौरान स्थानीय बाल व्यापारियों को बड़े हवाला भुगतान मिलने की बात सामने आने के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में अपनी जांच शुरू की थी. 

इसके बाद ईडी (Enforcement Directorate) की शिकायत के आधार पर सीसीएस हैदराबाद पुलिस ने अनेक अपराधिक धाराओं के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की थी. इस एफआईआर में यह आरोप लगाया गया था कि मैसर्स नायला फैमिली एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड, जिसके निदेशक मोहम्मद इब्राहिम पटेल हैं उन पर अवैध तरीके से मानव बाल निर्यात करने का आरोप था. 

ईडी को जांच के दौरान अभी पता चला कि कच्चे मानव बाल की बड़े पैमाने पर आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से गुवाहाटी और कोलकाता तक घरेलू बिक्री हो रही थी. साथ ही यह बात भी सामने आई कि घरेलू रूप से बेचे जाने वाले यह सभी बाल अंततः म्यांमार के रास्ते चीन भेजे जा रहे थे. इन बालों को बेचे जाने से जो रकम प्राप्त हो रही थी, वह मिजोरम में शैल बैंक खातों में प्राप्त की जा रही थी.

ईडी ने इस मामले की फंड ट्रेल जांच की और मिजोरम में स्थित अनेक शैल कंपनियों पर कार्रवाई की. इस जांच के दौरान अनेक कंपनियों के नाम भी सामने आए. साथ ही म्यांमार से लगी भारतीय सीमा में स्थित चंपाई जिले के निवासी भी इस काम में शामिल पाए गए. प्रवर्तन निदेशालय को छापेमारी के दौरान विभिन्न संदिग्ध बैंक खातों का पता चला जिसके आधार पर 139 बैंक खातों को मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत  सील किए जाने के आदेश जारी किए गए हैं.

ईडी (Enforcement Directorate) के आला अधिकारियों के मुताबिक, इस छापेमारी के दौरान विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज हाथ से लिखी डायरी डिजिटल उपकरण और लगभग सवा करोड़ रुपए की धनराशि जप्त की गई है. आरोप है कि यह रुपया इन कच्चे बालों को बेचे जाने के बदले प्राप्त किया गया था. प्रवर्तन निदेशालय की इस मामले में जांच और कार्यवाही जारी है.

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