कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को बिहार के चुनावी मैदान में एंट्री की। नवादा और भागलपुर के कहलगांव में रैलियों को सम्बोधित करने के बाद शाम को राहुल ने ट्वीट कर कहा कि आज उन्हें बिहार की जनता में बदलाव का संकल्प नज़र आया। राहुल ने नीतीश सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि कुशासन से मुक्ति पाने के लिए यह संकल्प महत्वपूर्ण है।
इसके पहले अपने भाषणों में राहुल ने प्रदेश की नीतीश सरकार के साथ-साथ केंद्र की मोदी सरकार पर भी जमकर हमला बोला। राहुल ने ट्वीट में लिखा कि जब भी बिहार जाता हूं, जनता स्नेह और सम्मान देती है। लेकिन आज, इसके साथ ही जनता में एक संकल्प देखने को मिला- बदलाव का संकल्प। कुशासन से मुक्ति पाने के लिए ये संकल्प महत्वपूर्ण है।
जब भी बिहार जाता हूँ, जनता स्नेह और सम्मान देती है। लेकिन आज, इसके साथ ही जनता में एक संकल्प देखने को मिला- बदलाव का संकल्प।
कुशासन से मुक्ति पाने के लिए ये संकल्प महत्वपूर्ण है।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 23, 2020
पीएम मोदी पर लगाया सेना के अपमान का आरोप
बिहार चुनाव में राहुल गांधी के निशाने पर सबसे अधिक पीएम मोदी रहे। नवादा की सभा में अपने भाषण की शुरुआत में ही उन्होंने जनता से पूछा भी कि उन्हें पीएम मोदी का भाषण कैसा लगा। इसके बाद उन पर सीधा हमला बोलते हुए राहुल ने कहा कि जब बिहार के युवा सैनिक शहीद हुए, उस दिन हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री ने क्या कहा और क्या किया, सवाल ये है। इस बार महागठबंधन बिहार की जनता को कुशासनराज से मुक्ति दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
राहुल ने पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ जारी गतिरोध के मुद्दे पर प्रधानमंत्री को घेरते हुए शुक्रवार को सवाल किया कि हिन्दुस्तान की जमीन से चीन को कब भगाया जाएगा। राहुल गांधी ने बिहार के नवादा में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए हाल में बनाए गए कृषि संबंधी तीन कानूनों, जीएसटी, लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों के पलायन और नोटबंदी सहित कई मुद्दों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कटघरे में खड़ा करने का प्रयास किया।







