बिहार के पूर्व सांसद और जाप प्रमुख पप्पू यादव को मंगलवार सुबह पटना में मंदिरी स्थित उनके आवास से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पप्पू यादव सुबह के समय पीएमसीएच के कोविड वार्ड में गए थे।

पप्पू यादव की गिरफ्तारी की खबर सुनकर उनके आवास पर समर्थकों की भीड़ जमा होने लगी। बीते सोमवार को भी पप्पू यादव पीएमसीएच गए थे। पुलिस के मुताबिक उन पर बगैर अनुमति के घूमने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है।

पप्पू यादव के आधिकारिक ट्वीटर हैंडल पर इस संबंध में जानकारी दी गई है। ट्वीट में लिखा गया है कि मुझे गिरफ्तार कर पटना के गांधी मैदान थाने लाया गया है। एक अन्य ट्वीट में लिखा गया है कि कोरोना काल में जिंदगियां बचाने के लिए अपनी जान हथेली पर रख जूझना अपराध है, तो हां मैं अपराधी हूं। PM साहब, CM साहब, दे दो फांसी, या भेज दो जेल, झुकूंगा नहीं, रुकूंगा नहीं। लोगों को बचाऊंगा। बेईमानों को बेनकाब करता रहूंगा!

एंबुलेंस मामले में पप्पू यादव पर अमनौर में एफआईआर
सारण के सांसद राजीव प्रताप रूडी के संसदीय मद से खरीदे गई एंबुलेंस को छिपा कर रखने के मामले में मचे बवाल के बाद अमनौर थाने में पप्पू यादव व उनके गार्ड पर एफआईआर की गयी है। सारण प्रशासन ने उनके खिलाफ मारपीट करने और लॉकडाडन का उल्लंघन करने के मामले में दो एफआईआर दर्ज की है। अमनौर के जयप्रभा सामुदायिक केन्द्र के केयर टेकर और गार्ड ने पप्पू यादव और उनके अंगरक्षक पर मारपीट कर कंधे पर लाठी से वार करने, तोड़फोड़ और हंगामा करने का आरोप लगाया है। 

रूडी के सांसद कोटे से खरीदे गए एंबुलेंस पर विवाद
पप्पू यादव ने सारण पहुंच कर अमनौर के जयप्रभा सामुदायिक केंद्र पर 30 से अधिक एंबुलेंस रखने का मामला उठाया था। इसके बाद इस मामले में तूल पकड़ लिया। ये एंबुलेंस राजीव प्रताप रूडी के सांसद मद से खरीदी गई थी। श्री  ने बयान जारी कर कहा है कि अनधिकृत रूप से पप्पू यादव ने काफिले के साथ सामुदायिक केंद्र परिसर में प्रवेश किया। चौकीदार और अन्य कर्मियों से भी भिड़ गये। कोविड के कारण चालकों की कमी से पंचायतों द्वारा एंबुलेंस लौटाए जाने के बाद उसे रखा गया था जिसकी तस्वीरें खिंचवाने के लिए उन्होंने उसे तहस-नहस किया।





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