भाजपा प्रत्याशी से पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार का सामंना करने वाले टीएमसी कैंडिडेट संग्राम दोलुई की अर्जी को कोलकाता हाई कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। उन्होंने चुनाव परिणाम को चुनौती दी है। 2 मई को आए विधानसभा चुनाव के परिणाम में संग्राम दोलुई को मोयना विधानसभा सीट से बीजेपी के अशोक डिंडा के मुकाबले हार का सामना करना पड़ा था। कोलकाता हाईकोर्ट ने उनकी अर्जी को स्वीकार करते हुए उन्हें आदेश दिया है कि वे चुनाव आयोग और अन्य सभी दलों को नोटिस भेजें, जिन्होंने चुनाव में अपने कैंडिडेट उतारे थे।  

बता दें कि बीते सप्ताह ही संग्राम दोलुई समेत 4 टीएमसी नेताओं ने चुनावी नतीजे को चुनौती देने वाली याचिका दायर की थी। संग्राम के अलावा अलोरानी सरकार, मानस मजूमदार और शांतिराम महतो शामिल हैं। टीएमसी के इन सभी उम्मीदवारों की बेहद करीबी मुकाबले में बीजेपी के प्रत्याशियों के मुकाबले हार हुई है। इन सभी प्रत्याशियों की अर्जी पर अलग-अलग जजों ने सुनवाई की थी और किसी को जून के आखिरी सप्ताह तो किसी को जुलाई में अगली सुनवाई की तारीख दी थी। संग्राम दोलुई को जस्टिस तीर्थंकर घोष ने आज की तारीख दी थी। अब जस्टिस घोष ने अर्जी को सुनवाई के लिए स्वीकार किया है और संग्राम दोलुई को अन्य सभी पक्षों को नोटिस भेजने के लिए कहा है।

संग्राम दोलुई के मुकाबले बीजेपी ने पूर्व क्रिकेटर अशोक डिंडा को चुनावी समर में उतारा था। अशोक डिंडा ने टीएमसी कैंडिडेट को मुकाबले में 1,260 मतों से मात दी है। वहीं संग्राम दोलुई का आरोप है कि मतगणना में हेराफेरी की गई है। बता दें कि नंदीग्राम से सीएम ममता बनर्जी को भी शुभेंदु अधिकारी के मुकाबले हार का सामना करना पड़ा है और उन्होंने भी नतीजे को अदालत में चुनौती दी है।

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