अकाउंट एग्रीगेटर के जरिए अब आप बैंकों से बिना किसी परेशानी के कर्ज हासिल कर सकते हैं। वित्त मंत्रालय द्वारा अक्सर पूछे गए सवालों के जवाब (एफएक्यू) में अकाउंट एग्रीगेटर के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है।

क्या कहा गया है: हाल ही में पेश किए गए अकाउंट एग्रीगेटर (एए) निवेश और ऋण के क्षेत्र में क्रांति ला सकता है और इससे लाखों उपभोक्ताओं को अपने वित्तीय रिकॉर्ड तक आसान पहुंच और नियंत्रण मिल सकता है। इस पहल से ऋणप्रदाता और फिनटेक कंपनियों के लिए ग्राहकों की संख्या में भी भारी बढ़ोतरी होगी। 

आठ बैंकों के साथ शुरू: बैंकिंग में अकाउंट एग्रीगेटर प्रणाली देश के आठ सबसे बड़े बैंकों के साथ शुरू की गई है। अकाउंट एग्रीगेटर प्रणाली ऋण और धन प्रबंधन को बहुत तेज और किफायती बना सकता है। ऐसी सुविधा देने वाले कई अकाउंट एग्रीगेटर होंगे और उपभोक्ता जिसे चाहे उसे चुन सकता है।

वित्त मंत्रालय ने कहा कि अब इसके लिए किसी तीसरे पक्ष को अपना वित्तीय विवरण देने की जरूरत नहीं होगी। इसके लिए बैंक को केवल अकाउंट एग्रीगेटर नेटवर्क से जुड़ने की आवश्यकता है। आठ बैंक पहले से ही सहमति के आधार पर डेटा साझा कर रहे हैं। इनमें से चार बैंक – एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक और इंडसइंड बैंक यह सुविधा शुरू कर चुके हैं। इसके अलावा चार बैंक – भारतीय स्टेट बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और फेडरल बैंक जल्द ही यह सुविधा शुरू करने वाले हैं।

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ये भी हैं फायदे: आधार ईकेवाईसी और सीकेवाईसी केवल नाम, पता, लिंग आदि पहचान आधारित जानकारी साझा करते हैं। इसी तरह क्रेडिट ब्यूरो डेटा केवल लोन हिस्ट्री और क्रेडिट स्कोर दिखाता है। दूसरी ओर अकाउंट एग्रीगेटर नेटवर्क से बचत, जमा या चालू खातों से लेनदेन की जानकारी साझा हो सकेगी।



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