चालू वित्त वर्ष की जून में समाप्त पहली तिमाही में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) ने 1,208.63 करोड़ रुपए का मुनाफा कमाया है। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में बैंक को 864 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था। डूबे कर्ज के लिए प्रावधान कम रहने से बैंक का मुनाफा अच्छा रहा है।
बैंक ने बताया कि तिमाही के दौरान उसकी कुल आय मामूली रूप से घटकर 20,022.42 करोड़ रुपए रह गई, जो एक साल पहले समान तिमाही में 20,312.44 करोड़ रुपए रही थी। तिमाही के दौरान बैंक की सकल गैर-निष्पादित आस्तियां (एनपीए) कुल ऋण पर घटकर 8.86 प्रतिशत रह गईं। एक साल पहले समान तिमाही में यह 9.39 प्रतिशत थीं।
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हालांकि, बैंक का शुद्ध एनपीए अनुपात 2.83 प्रतिशत से बढ़कर 3.03 प्रतिशत पर पहुंच गया। तिमाही के दौरान बैंक का कुल प्रावधान और अन्य आकस्मिक खर्च घटकर 4,111.99 करोड़ रुपये रह गया। एक साल पहले समान तिमाही में यह 5,628 करोड़ रुपये था। समीक्षाधीन तिमाही में रिजर्व बैंक ने बैंक ऑफ बड़ौदा पर 41.75 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया था।







