अगर आपके डिपॉजिट की रकम किसी बैंक में फंसी हुई है तो टेंशन की बात नहीं है। 30 नवंबर से ग्राहकों की फंसी हुई डिपॉजिट की रकम मिलने लगेगी। इसकी अधिकतम सीमा 5 लाख रुपए है। मतलब ये कि डिपॉजिट की रकम चाहे जितनी भी हो, ग्राहक को अधिक से अधिक 5 लाख रुपए ही मिलेंगे।

30 नवंबर ही क्यों: दरअसल, हाल ही में सरकार ने जमा बीमा और ऋण गारंटी निगम (डीआईसीजीसी) कानून को नोटिफाई कर दिया है। कानून के प्रावधान अमल में आने की तारीख एक सितंबर, 2021 है। इस तारीख के 90 दिन में बैंक के जमाधारकों को 5 लाख रुपए तक की जमा रकम मिल जाएगी। आपको यहां बता दें कि 1 सितंबर का 90वां दिन 30 नवंबर है। इसी दिन से बैंकों के ग्राहकों को 5 लाख रुपए तक की जमा मिलने की गारंटी मिल जाएगी।

बीते दिनों संसद ने जमा बीमा और ऋण गारंटी निगम (संशोधन) विधेयक, 2021 पारित कर दिया था। इसके जरिये यह सुनिश्चित किया गया है कि आरबीआई द्वारा किसी बैंक के कामकाज पर रोक लगाए जाने के 90 दिन के भीतर बैंक के जमाधारकों को 5 लाख रुपए तक की जमा रकम मिल जाए। यह राशि जमा बीमा और ऋण गारंटी निगम यानी डीआईसीजीसी उपलब्ध कराएगा।

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डीआईसीजीसी के बारे में: आपको बता दें कि डीआईसीजीसी आरबीआई की पूर्ण अनुषंगी है। यह बैंक जमा के लिये बीमा उपलब्ध कराता है। वर्तमान में जमाकर्ताओं को वित्तीय रूप से दबाव वाले बैंकों से अपनी बीमा राशि और अन्य दावा प्राप्त करने में 8 से 10 साल लग जाते हैं। इस कानून के तहत उन 23 सहकारी बैंक के जमाकर्ता भी आएंगे, जो वित्तीय दबाव में हैं और जिन पर रिजर्व बैंक ने कुछ पाबंदियां लगायी हुई है। 



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