वित्त मंत्रालय ने  स्पष्ट किया है कि कृषि और संबद्ध गतिविधियों से संबधित ऋण के लिए चक्रवृद्धि ब्याज यानी ब्याज पर ब्याज माफी योजना का लाभ नहीं मिलेगा। वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को ‘चक्रवृद्धि और साधारण ब्याज के बीच के अंतर के भुगतान से संबंधित ‘अनुग्रह राहत भुगतान योजना पर अतिरिक्त एफएक्यू (बार-बार पूछे जाने वाले सवाल) जारी किया है। वित्त मंत्रालय ने कहा कि कर्जदारों को 29 फरवरी तक क्रेडिट कार्ड पर बकाये के लिए भी इस योजना का लाभ मिलेगा। 

यह भी पढ़ें: एफडी, बांड और शेयरों के एवज में लिए है लोन, तो नहीं मिलेगा लोन मोरेटोरियम के तहत ब्याज पर ब्याज का लाभ

किसे मिलेगा लाभ

इस योजना के तहत दो करोड़ रुपये तक के कर्ज पर ब्याज के ऊपर लगने वाला ब्याज एक मार्च, 2020 से छह महीने के लिये माफ किया जायेगा।  ऑटो, पर्सनल, क्रेडिट कार्ड, एजुकेशन, होम, कंज्यूमर ड्यूरेबल  और MSME का लोन होना चाहिए। इन्हीं लोन पर ब्याज पर ब्याज की छूट मिलेगी।

वक्त पर EMI चुकाने वालों को भी मिलेगा लाभ

अगर आपने EMI वक्त पर चुकाई है तो आपको ब्याज पर ब्याज और साधारण ब्याज के बीच का जो अंतर है, वह कैशबैक के तौर पर मिलेगा। एक्स-ग्रेशिया का मतलब यह है कि सरकार अपनी मर्जी से आपको यह रकम दे रही है। इसे आपको लौटाना नहीं है, यह एक तरह से सरकार का गिफ्ट है। ब्याज पर ब्याज के तौर पर जो कैशबैक मिल रहा है, वह आपके लोन पर बैंकों की ओर से वसूली जाने वाली ब्याज दर पर निर्भर करेगा।

कितना और कैसे  मिलेगा कैश बैक

मान लीजिए आपने एक करोड़ रुपए का होम लोन लिया है और आप इस पर 8% सालाना की दर से ब्याज चुका रहे हैं तो छह महीने में कुल ब्याज बनता है 4 लाख रुपए। ब्याज पर ब्याज बनता है- 16,269 रुपए। इस स्कीम के तहत यह 16,269 रुपए की राशि ही आपको कैशबैक के तौर पर मिलेगी। यह पैसा आपके अकाउंट में 5 नवंबर 2020 तक आ जाएगा। इस छूट के लिए आपको कुछ नहीं करना है। आपने जिससे लोन लिया है, वही आपके अकाउंट में इस राशि को एडजस्ट कर देगा। बैंकों में कॉर्पोरेट सेंटर से सेंट्रलाइज्ड कैल्कुलेशन के बाद सभी खातों में पैसा जमा कर दिया जाएगा।

यह भी पढ़ें: बैंक कर्ज देने के पहले एआई से खंगालेंगे ग्राहक की कुंडली

एफएक्यू में कहा गया है कि इस राहत के लिए बेंचमार्क दर अनुबंध की दर होगी, जिसका इस्तेमाल क्रेडिट कार्ड जारीकर्ता द्वारा ईएमआई ऋणों के लिए किया जाता है।  वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इस योजना के तहत कुल आठ क्षेत्र आते हैं। फसल और ट्रैक्टर ऋण कृषि और संबद्ध गतिविधियों के तहत आता है जो इस योजना में शामिल नहीं है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सभी कर्जदाता संस्थानों से मंगलवार को कहा था कि वे दो करोड़ रुपये तक के कर्ज के लिये हाल ही में घोषित ब्याज पर ब्याज की माफी योजना को लागू करें।  

सरकार ने पिछले शुक्रवार को पात्र ऋण खातों के लिये चक्रवृद्धि ब्याज और साधारण ब्याज के बीच के अंतर के भुगतान को लेकर छह माह के लिए अनुग्रह या अनुदान की घोषणा की थी। सरकार ने सभी बैंकों को पांच नवंबर तक चक्रवृद्धि ब्याज व साधारण ब्याज के अंतर को कर्जदारों के खाते में जमा करने के लिये कहा था। 



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here