बैंक से कर्ज लेने वाले आम लोगों और छोटे तथा मझोले कारोबारियों को बड़ी राहत देते हुए केंद्र ने शनिवार को उच्चतम न्यायालय से कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान घोषित किए गए किस्त स्थगन के तहत दो करोड़ रुपये तक के कर्ज के ब्याज पर ब्याज छह महीने के लिए नहीं लिया जाएगा। सरकार के इस हलफनामे के बाद आपके मन कई सवाल उठ रहे होंगे, जैसे,  ईएमआई चुका दिया तो कैसे मिलेगा लाभ? क्या राशि वापस पाने के लिए बैंक में आवेदन देना होगा? क्या क्रेडिट कार्ड और ऑटो लोन पर भी छूट मिलेगी? क्या टीवी-फ्रिज के कर्ज पर ले सकेंगे फायदा? क्या होम लोन और पर्सनल लोन पर मिलेगा लाभ? क्या मोरेटोरियम से पहले ईएमआई चूकने पर मिलगा लाभ?इसका फायदा किसे और कैसे मिलेगा? इन सारे सवालों का जवाब देखें,,,

ईएमआई चुका दिया तो कैसे मिलेगा लाभ

यह फायदा मोरेटोरियम का लाभ लेने वालों के साथ उस अवधि में ईएमआई चुकाने वालों को भी मिलेगा। हालांकि, इनको इसका लाभ कैसे मिलेगा इसका आकलन अलग से होगा क्योंकि ऐसे उपभोक्ता समय से ईएमआई चुकाते रहे हैं तो उनके द्वारा चुकाई गई राशि अधिक होगी।

क्या क्रेडिट कार्ड और ऑटो लोन पर भी छूट मिलेगी

सरकार के फैसले के मुताबिक क्रेडिट कार्ड और ऑटो लोन समेत कई तरह के कर्ज के पर यह छूट मिलेगी। कई बैंकों ने क्रेडिट कार्ड के बकाये को भी पर्सनलन लोन में बदलने का विकल्प भी दिया है। साथ ही आरबीआई ने भी क्रेडिट कार्ड पर मोरेटोरियम देने का आदेश दिया था। ऐसे में यह छूट क्रेडिट कार्ड पर भी मिलेगी।

क्या होम लोन और पर्सनल लोन पर मिलेगा लाभ

सुप्रीम कोर्ट में सरकार की ओर से दायर हलफनामे के मुताबिक होम लोन औ पर्सनल लोन पर भी ब्याज के ऊपर ब्याज नहीं लगेगा। ऐसे में आपने इस तरह का कर्ज लिया है और मोरेटोरियम की सुविधा ली है तो उन्हें भी इसका लाभ मिलेगा। साथ ही शिक्षा ऋण पर भी इसका लाभ मिलेगा।

क्या टीवी-फ्रिज के कर्ज पर ले सकेंगे फायदा

ईएमआई पर टीवी-फ्रिज खरीदने वाले उपभोक्ताओं को भी इसका लाभ मिलेगा। टीवी-फ्रिज के लिए बैंक उपभोग आधारित ऋण यानी कंज्यूमर लोन की श्रेणी के तहत कर्ज देते हैं। ऐसे में आपको इसके कर्ज पर भी ब्याज के ऊपर ब्याज नहीं देना होगा।

क्या छोटे उद्योग इसके दायरे में आएंगे

सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जो हलफनामा दायर किया है उसके मुताबिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (एमएसएमई ) को दिया गया कर्ज भी इसमें शामिल है। ऐसे में इन उद्योगों द्वारा दो करोड़ रुपये तक के कर्ज पर मोरेटोरियम के तहत ब्याज के ऊपर ब्याज चुकाने से छूट मिलेगी।

क्या राशि वापस पाने के लिए बैंक में आवेदन देना होगा

यह राशि बैंक नहीं देंगे बल्कि सरकार वापस करेगी। केंद्र ने कहा कि इस संबंध में सरकार अनुदान जारी करने के लिए संसद से उचित अधिकार मांगेगी। संसद से अनुमति मिलने के बाद सरकार उपभोक्ताओं के खाते में राशि भेजेगी।

क्या मोरेटोरियम से पहले ईएमआई चूकने पर मिलगा लाभ

ऐसे उपभोक्ताओं को लाभ नहीं मिलेगा। मोरेटोरियम के तहत रिजर्व बैंक ने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया था कि मोरेटोरियम का लाभ केवल उन्हीं कर्जदारों को मिलेगा जिन्होंने मार्च से पहले ईएमआई भुगतान में चूक न की हो डिफॉल्ट नहीं किया हो। इसके अलावा सरकार ने हलफनामे में आगे कहा है कि कोई भी व्यक्ति या संस्था जिसकी ऋण राशि दो करोड़ रुपये से अधिक है, वह ब्याज पर ब्याज से छूट के लिए पात्र नहीं होगा।

उद्योग जगत मे फैसले को सराहा

पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष डी.के. अग्रवाल ने कहा कि खजाने पर कम बोझ डालते हुए अधिक से अधिक लोगों तक लाभ पहुंचाने के लिए सरकार यह बेहद सधा हुआ कदम है। इससे बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के साथ छोटी कंपनियों को भी राहत मिलेगी जो कोरोना संकट में मुश्किलों के दौर से गुजर रहे हैं। अग्रवाल ने कहा कि उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा तो उससे उनकी खरीद क्षमता बढ़ेगी और उसका फायदा आगे चलकर बाजार और अर्थव्यवस्था भी होगा।

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इंडिया एसएमई फोरम की डायरेक्टर जनरल सुषमा मोरथानिया ने हिन्दुस्तान से बातचीत में सरकार की तरफ से ब्याज माफ करने के पक्ष में होने का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से न सिर्फ छोटा कर्ज लेने वाले ग्राहकों को फायदा होगा बल्कि छोटी कंपनियों को भी कोरोना काल में राहत मिलेगी। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि मौजूदा दौर में एसएमई और एमएसएमई का दायरा सरकार की तरफ से बढ़ा दिया गया है ऐसे में अच्छा होता अगर सरकार दो करोड़ की सीमा को बढ़ाकर पांच करोड़ रुपए तक के कर्ज के लिए राहत देती।
 



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