Edited By Priyesh Mishra | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:
- भारत के देवी-देवताओं पर विवाद पैदा कर रहा नेपाल, अब भगवान बुद्ध को बताया नेपाली
- भारतीय विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर के बयान पर नेपाली विदेश मंत्रालय ने जारी किया बयान
- नेपाल बोला- पीएम मोदी ने भी नेपाल यात्रा के दौरान कहा था कि बुद्ध नेपाल में जन्मे थे
काठमांडू
भारत के साथ सीमा विवाद को लेकर उलझे नेपाल ने अब भारतीय देवी-देवताओं और महापुरुषों पर विवाद पैदा करना शुरू कर दिया है। नेपाल ने भारतीय विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर के भगवान गौतम बुद्ध के भारतीय कहे जाने पर कड़ा एतराज जताते हुए उन्हें नेपाली करार दिया है। नेपाल के कई राजनेताओं ने भी जयशंकर के बयान का विरोध किया है। कुछ दिन पहले ही नेपाली प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने भगवान राम की अयोध्या को नेपाल के बीरगंज के पास होने का दावा किया था।
क्या कहा था भारतीय विदेश मंत्री ने
भारतीय विदेशमंत्री डॉ एस जयशंकर ने भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के इंडिया@75 शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा था कि महात्मा गांधी और भगवान बुद्ध दो ऐसे भारतीय महापुरुष हैं जिन्हें दुनिया हमेशा याद रखती है। इसी बयान पर नेपाल ने आपत्ति जताते हुए आधिकारिक विरोध जाहिर किया है।
नेपाली विदेश मंत्रालय ने जारी किया बयान
नेपाली विदेश मंत्रालय ने कहा कि ऐतिहासिक और पौराणिक तथ्यों से यह साबित हुआ है कि गौतम बुद्ध का जन्म नेपाल के लुंबिनी में हुआ था। लुंबिनी बुद्ध और बुद्धिज्म की जन्मस्थली है और इसे यूनेस्को ने भी वर्ल्ड हेरिटेज साइट घोषित किया हुआ है। 2014 में नेपाल यात्रा के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाली संसद को संबोधित करते हुए कहा था कि नेपाल वह देश है जहां विश्व में शांति का उद्घोष हुआ और बुद्ध का जन्म हुआ।







