नई दिल्ली: भगोड़े उद्योगपति विजय माल्या के मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई 20 अगस्त के लिए टाल दी है. केस से जुड़े एक दस्तावेज के उपलब्ध न होने के चलते सुनवाई टाली गई है. माल्या के वकील ने दस्तावेज फिर से दाखिल करने की बात कही है.

विजय माल्या को कोर्ट ने अवमानना का दोषी करार दिया था

मामला सुप्रीम कोर्ट की अवमानना से जुड़ा है. कोर्ट ने 9 मई 2017 को माल्या को डिएगो डील के 40 मिलियन डॉलर अपने बच्चों के एकाउंट में ट्रांसफर करने और सम्पत्ति का सही ब्यौरा न देने के लिए अवमानना का दोषी करार दिया था. इसके बाद माल्या ने पुनर्विचार याचिका दाखिल की. जिसे अब तक जजों के सामने नहीं रखा गया था. इस बात का अंदेशा है कि माल्या ने इस पुनर्विचार याचिका के लंबित होने की बात का इस्तेमाल यूके में चल रही प्रत्यर्पण प्रक्रिया के दौरान अपना पक्ष मजबूत करने के लिए किया होगा.

पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर संज्ञान लेते हुए इसे खुली अदालत में लगाने का आदेश दिया था. कोर्ट ने पुनर्विचार याचिका को 3 साल से सुनवाई पर न लगाए जाने पर अपनी ही रजिस्ट्री से ब्यौरा मांगा था. कोर्ट ने जानना चाहा था कि 3 साल तक किन अधिकारियों ने फ़ाइल को देखा और इसे जजों के सामने पेश नहीं किया.

सुनवाई 20 अगस्त तक टली

आज मामला जस्टिस यु यु ललित की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने लगा. जजों ने फ़ाइल को देखते हुए पाया कि मामले से जुड़ा एक जवाब उसमें मौजूद नहीं है. ये जवाब इसी मामले में कर्नाटक हाई कोर्ट में चली कार्रवाई से जुड़ा है. जजों ने इस पर सवाल किया तो माल्या के वकील जय मुनीम ने कहा कि वह जवाब का इस केस में बहुत प्रासंगिक नहीं है. लेकिन जज इससे सहमत नहीं हुए. जवाब को रिकॉर्ड में लाने का आदेश देते हुए सुनवाई 20 अगस्त के लिए टाल दी.

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