पिछले तीन दिनों से शेयर बाजार में तेजी की वजह से निवेशकों का रुझान शेयर मार्केट में रौनक बढ़ गई है. लेकिन इस रौनक में सबसे बड़ी भूमिका विदेशी निवेशक निभा रहे हैं. बुधवार को इस तेजी की वजह से सेंसेक्स 44 हजार से ऊपर पर पहुंच गया. बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर दिखा लेकिन विदेशी निवेशकों के लगातार निवेश से बाजार चढ़ा रहा.

निवेशकों का भारतीय बाजार में भरोसा कायम

बुधवार को कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 227.34 प्वाइंट की बढ़त के साथ 44, 180.05 पर बंद हुआ. इस तरह पहली बार सेंसेक्स 44 हजार के पार पर बंद हुआ . निफ्टी 64.05 प्वाइंट की बढ़त के साथ 12,398.25 प्वाइंट पर बंद हुआ. निफ्टी इसका नया रिकार्ड है. दरअसल इकनॉमी को मिले राहत पैकेज और कोरोना की वैक्सीन के मोर्चे पर अच्छी खबरों के बाद निवेशकों का विश्वास बढ़ा है.

यही वजह है कि एफआईआई ने नवंबर में भारतीय शेयर बाजार में पिछले 13 साल में किसी एक महीने का सबसे बड़ा निवेश किया. इस महीने में अब तक विदेशी निवेशकों ने 38 हजार 137 करोड़ का शुद्ध निवेश किया है. एफआईआई ने कुल 1,13,145 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे और 75,007 करोड़ रुपये के शेयर बेचे. विश्लेषकों के मुताबिक निवेशकों का भारतीय बाजार में भरोसा कायम है और उन्होंने सितंबर तिमाही में 6.3 करोड़ डॉलर का निवेश किया है. दरअसल, पिछले कुछ सेशन में ऑटो और फाइनेंशियल सेक्टर के शेयर चमके हैं और बाजार पर इसका सकारात्मक असर पड़ा है.

एफपीआई ने लगाया जोर

जहां तक एफपीआई के निवेश बढ़ाने का मामला है तो इसकी वजह बिजनेस गतिविधियों के दोबारा शुरू होने और सितंबर तिमाही में कंपनियों की उम्मीद से बेहतर नतीजे बताई जा रही है. शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक एफपीआई ने शेयरों में 6,564 करोड़ रुपये और बॉन्ड सेगमेंट में 1,817 करोड़ रुपये का निवेश किया है. इसी तरह 2 से 6 नवंबर के बीच एफपीआई की ओर से 8,381 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है. देश में कोविड-19 मामलों में आई कमी और अमेरिकी डॉलर में कमजोरी से भी निवेश सेंटिमेंट में मजबूती आई है.

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