देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत और चीन के बीच सीमा विवाद काफी लंबे समय से चला आ रहा है। हम जल्द से जल्द इसे सुलझाना चाहते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि हम किसी के मान, सम्मान पर न चोट पहुंचाते हैं और न अपने मान, सम्मान और स्वाभिमान पर चोट बर्दास्त कर सकते हैं, ये हमारा चरित्र रहा है।
उन्होंने भारत और चीन के मुद्दे पर विपक्ष को भी शांत रहने की नसीहत देते हुए कहा कि इस मामले पर हमें ज्यादा समझाने की कोशिश नहीं कीजिए। ये बातें उन्होंने महाराष्ट्र जनसंवाद रैली के दौरान कही।
मिर्ज़ा ग़ालिब का ही शेर थोड़ा अलग अन्दाज़ में है। ‘
‘हाथ’ में दर्द हो तो दवा कीजै,
‘हाथ’ ही जब दर्द हो तो क्या कीजै.. https://t.co/k1fhnI6K4N— Rajnath Singh (@rajnathsingh) June 8, 2020
राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी को शायराना अंदाज में जवाब देते हुए कहा, ‘मिर्ज़ा ग़ालिब का ही शेर थोड़ा अलग अन्दाज़ में है। ‘‘हाथ’ में दर्द हो तो दवा कीजै, ‘हाथ’ ही जब दर्द हो तो क्या कीजै..’। आपको बता दें कि राहुल गांधी ने आज अमित शाह के एब बयान पर मिर्जा गालिब की एक शायरी से पलटवार किया था।
The border dispute between India and China has been ongoing for a long time. We want to solve it as soon as possible: Defence Minister Rajnath Singh at ‘Maharashtra Jan-Samvad Rally’ pic.twitter.com/ZcH1cTLROV
— ANI (@ANI) June 8, 2020
उन्होंने कहा कि भारत को आत्मनिर्भर बनाने का हमारे प्रधानमंत्री जी का संकल्प है। ये संकल्प पूरा होकर रहेगा। उन्होंने मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए अपील की।
राजनाथ सिंह ने कहा, ‘कोरोना संकट में भी प्रधानमंत्री ने जिस तरह देश को तैयार किया, उससे लोगों ने दांतो तले अंगुली दबा ली। जनता कर्फ्यू और लॉकडाउन का लोगों ने जिस तरह पालन किया वो प्रशंसा के योग्य है। कोरोना वॉरियर्स के सम्मान में देश सामने आया। ये देश की सामुहिक शक्ति नहीं है तो क्या है?’
उन्होंने कहा कि कोरोना को लेकर जिस प्रकार के हालात महाराष्ट्र में पैदा हुए हैं, वो एक गंभीर चिंता का विषय है। महाराष्ट्र में पैदा हुई चुनौती से निपटने के लिए जितना सहयोग हो सकता है वो सहयोग मोदी सरकार कर रही है।
आगे वह कहते हैं, ‘मुंबई के अस्पतालों को हम टीवी पर देखते हैं, कुछ ऐसे अस्पताल देखने को मिले जहां शव पड़ा हुआ है और उसके पास कोरोना मरीज पड़ा हुआ है। क्या वहां सरकार नाम की चीज नहीं है? सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती है।’







