statewise corona cases in india: कोरोना पर देश में एक अच्छी खबर आई है। राजधानी दिल्ली में कोरोना के मरीजों की सख्या कम हुई और रिकवरी रेट 88 फीसदी से ज्यादा हो चुका है। वहीं, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और बिहार जैसे राज्यों में कोरोना केस तेजी से बढ़ रहे हैं।

Edited By Satyakam Abhishek | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

भारत में कोरोना

नई दिल्ली

देश में कोरोना के मामले (Corona Cases News) लगातार बढ़ रहे हैं। हालांकि राजधानी दिल्ली में कोविड-19 के मरीजों की संख्या कम हो गई है। बिहार के के आंकड़े अब टेंशन दे रहे हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देश में अभी कुल 14,35,453 कोरोना के केस हैं। अबतक कुल 32,771 लोगों की कोरोना से जान जा चुकी है। कुल केसों में से 9,17,568 लोग कोरोना से ठीक हो चुके हैं वहीं 4,85,114 केस फिलहाल ऐक्टिव हैं।

जानें देश में कहां कितने कोरोना मरीज

राज्य कुल मरीज ठीक हुए मौत
1. अंडमान निकोबार 324 182 0
2. आंध्र प्रदेश 96298 46301 1041
3. अरुणाचल प्रदेश 1158 505 3
4. असम 32228 24040 79
5. बिहार 39176 25815 244
6. चंडीगढ़ 887 572 13
7. छत्तीसगढ़ 7450 4,940 43
8. दादरा एवं नगर हवेली/दमन एवं दीव 914 550 2
9. दिल्ली 1,30,606 1,14,875 3,827
10. गोवा 4, 861 3277 35
11. गुजरात 55822 40365 2,326
12. हरियाणा 31332 24384 392
13. हिमाचल प्रदेश 2176 1,198 12
14. जम्मू-कश्मीर 17920 9928 312
15. झारखंड 8275 3,704 85
16. कर्नाटक 96841 35838 1878
17. केरल 19025 9300 61
18. लद्दाख 1,285 1,063 4
19. मध्य प्रदेश 27800 19132 811
20. महाराष्ट्र 3,75799 212328 13665
21. मणिपुर 2,235 1,554 0
22. मेघालय 702 135 5
23. मिजोरम 361 193 0
24. नगालैंड 1,339 549 4
25. ओडिशा 25389 16793 140
26. पुदुचेरी 2786 1,645 40
27. पंजाब 13218 8810 306
28. राजस्थान 35909 25353 621
29. सिक्किम 545 148 0
30. तमिलनाडु 213773 1,56526 3494
31. तेलंगाना 54059 41332 463
32. त्रिपुरा 3900 2,361 13
33. उत्तराखंड 6,104 3,566 63
34. उत्तर प्रदेश 66988 41641 1,426
35. पश्चिम बंगाल 58718 37751 1372
कुल 14,35,453 9,17,568 32,771

चिंपैंजी के वायरस से बनी वैक्सीन

  • चिंपैंजी के वायरस से बनी वैक्सीन

    ऑक्सफर्ड में कोरोना वैक्सीन बनाने में चिंपैंजी के एडीनो वायरस यानी सर्दी जुकाम करने वाले वायरस का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह नुकसान इसलिए नहीं करेगा क्योंकि इसको काफी कमजोर कर दिया गया है। इसमें वेक्टर (वाहक) को चिंपैंडी के एडीनो वायरस (ChAdOx1) से लिया गया है। जब यह ChAdOx1 किसी व्यक्ति के शरीर में जाएगा तो एक खास तरह का प्रोटीन बनाएगा। और इसके बाद मानव शरीर में कोरोना से लड़ने वाली ऐंटीबॉडीज पैदा हो जाएंगी।

  • लंबे समय तक रहेगी असरदार?

    लैंसेट की रिपोर्ट के मुताबिक जिन लोगों पर भी वैक्सीन का ट्रायल किया गया उनपर सकारात्मक असर पड़ा है। देखा गया कि एक डोज देने के बाद ही शरीर में एंटीबॉडीज बनने लगीं और टी-शेल भी बन गईं। दरअसल टी- शेल लंबे समय तक काम करती हैं और दोबारा इन्फेक्शन होने पर फिर से वायरस से लड़ने को तैयार हो जाती हैं।

  • ऐसे करता है काम

    पहले चरण में कोरोना वायरस स्पाइक प्रोटीन का जेनेटिक कोड पहचाना गया। दूसरे चरण में चिंपैंजी के एडीनोवायरस को जेनेटिकली मोडिफाइ करके स्पाइक प्रोटीन बनाए जाते हैं। शरीर में जाने के बाद यह प्रोटीन कोरोना की एंटीबॉडी बनाने लगती हैं।

  • ​क्या साइड इफेक्ट भी हुए?

    वैक्सीन के ट्रायल के बाद लोगों पर कुछ साइड इफेक्ट देखने को मिले जैसे बुखार, सिरदर्द, और इंजेक्शन वाली जगह पर रिऐक्शन जैसी चीजें देखने को मिली हैं। हालांकि इसका असर ज्यादा नहीं था और खुद ही ठीक हो गईं।

Web Title coronavirus in india on 28 july latest updates(Hindi News from Navbharat Times , TIL Network)

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