कोरोना के कहर के चलते मध्य प्रदेश सरकार ने भोपाल में सुबह ही होली जलाने का आदेश दिया है, जबकि इंदौर में होली खेलने पर रोक लगा दी है। लेकिन अपनी सरकार के फैसले के खिलाफ बीजेपी के नेता भी उतर आए हैं और कहा है कि भले ही लाठियां चलें, लेकिन वह होली तो खेलेंगे। सरकार सार्वजनिक तौर पर होलिका दहन, होली खेलने को लेकर पाबंदी लगा चुकी है, जिसे लेकर बीजेपी-कांग्रेस ने विरोध करना शुरू कर दिया है। त्योहार पर पाबंदी, होलिकादहन के समय में बदलाव को लेकर कई अन्य संगठन भी विरोध कर रहे हैं। अब आप सोचेंगे कि राज्य में बीजेपी की सरकार है तो फिर सरकार के फैसले से नाराजगी क्यों? तो आपको बता दें कि बीजेपी के प्रवक्ता उमेश शर्मा ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि मैं क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी के फैसले से कतई सहमत नहीं हूं।

उन्होंने लिखा कि मेरे मोहल्ले में कोविड गाइडलाइन के हिसाब से होली का पूजन होगा। जिलाधीश जी आपका प्रकरण, डीआईजी आपका डंडा शिरोधार्य! मेरे भाई के निधन के बाद धुलेंडी पर परिवार में सीमित सीमा में रंग डालने परिवार वाले भी आएंगे। आपको बता दें कि कल गुरुवार को हुई बैठक में भोपाल की हिन्दू उत्सव समिति ने सहमति जताई थी कि रविवार की रात के बजाए सोमवार की सुबह में होलिकादहन किया जाए। लेकिन अब उत्सव समिति के सामने विरोधस्वरूप संस्कृति बचाओ मंच खड़ा हो गया है।

संस्कृति बचाओ मंच के अध्यक्ष चंद्रशेखर ने कहा कि होलिकादहन सुबह करने का कहीं प्रावधान ही नहीं है। ऐसे में हम सभी रात में ही पूरे प्रोटोकॉल के पालन के साथ होलिकादहन करेंगे। हम अपनी परंपरा पर प्रहार नहीं होने देंगे। वहीं, कांग्रेस की तरफ से विधायक संजय शुक्ल ने सवाल उठाते हुए कहा कि, यह सब अनैतिक काम भाजपा के द्वारा किये जा रहे हैं। क्राइसिस कमेटी तो बस हांमी भर रही है। उन्होंने कहा कि, हम होली का रंग डालने जाएंगे क्योंकि यह सूतक खत्म करने का त्योहार है। बता दें कि कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण 25 मार्च को निर्णय लिया गया है कि होली के दिन भी लॉकडाउन जैसी सख्ती रहेगी। इस बार लोग चौराहे, सड़क, सार्वजनिक स्थानों, खुले मैदान में इकठ्ठा होकर होली नहीं मना सकेंगे। वहीं गेर निकालने पर पाबंदी तो पहले ही लगा दी गई थी।





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