कथित लोन डिफॉल्ट और यस बैंक से से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कॉक्स एंड किंग के प्रमोटर पीटर केरकर को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया. केरकर को प्रिव्हेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट ( PMLA)की अलग-अलग धाराओं में गिरफ्तार किया गया है. ईडी ने विशेष पीएमएलए न्यायाधीश पीपी राजवैद्य के सामने पीटर को शुक्रवार को पेश किया. वह 3 दिसंबर तक ईडी की हिरासत में रहेंगे.

पीटर को मामले का सूत्रधार कहा जा रहा है

केरकर को यस बैंक से लिए गए एक लोन के मामले में जानबूझकर रीपेमेंट में डिफॉल्ट के आरोप से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया है. पीटर को मनी लौंड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया गया था. ईडी की जांच में पता चला है कि कॉक्स एंड किंग्स ग्रुप ऑफ कंपनीज के ऊपर यस बैंक का कुल 3,642 करोड़ रुपये बकाया है. यस बैंक समेत कई बैंकों के कर्ज का डिफॉल्ट करने के संबंध में पीटर की भूमिका की ईडी जांच कर रही है. ईडी ने विशेष पीएमएलए न्यायाधीश पीपी राजवैद्य के समक्ष पीटर को शुक्रवार को पेश किया. ईडी ने कहा कि वह पीटर इस मामले का सूत्रधार है. इस आधार पर ईडी ने दस दिन के हिरासत की मांग की थी.

कॉक्स एंड किंग्स ग्रुप पर बैंक का 3,642 करोड़ रुपये बकाया  

अधिकारियों ने जानकारी दी कि मामला यस बैंक मामले में चल रही जांच से जुड़ा है. केंद्रीय जांच एजेंसी ने पाया कि कॉक्स एंड किंग्स ग्रुप ऑफ कंपनीज पर बैंक का कुल 3,642 करोड़ रुपये का बकाया है आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी में केरकर उर्फ अजय अजीत पीटर की भूमिका की जांच की जा रही है. कंपनी पर यस बैंक के अलावा अन्य बैंकों का भी बकाया है. जांच एजेंसी ने जून में मुंबई में केरकर समेत कंपनी के कई पूर्व अधिकारियों घर इत्यादि परिसरों पर तलाशी की कार्रवाई भी की थी. ईडी पहले पर्यटन क्षेत्र की कंपनी के पूर्व मुख्य वित्त अधिकारी अनिल खंडेलवाल और आंतरिक ऑडिटर नरेश जैन को भी अक्टूबर में गिरफ्तार कर चुकी है. मौजूदा समय में कॉक्स एंड किंग्स कॉरपोरेट मनी लॉन्ड्रिंग प्रक्रिया का सामना कर रही है.

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