पश्चिम बंगाल अब चुनावी रंग में पूरी तरह रंगा चुका है। आज एक तरफ कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली थी वहीं, सिलीगुड़ी में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक जनसभा को संबोधित कर रही थीं। पीएम मोदी ने कोलकाता में ‘दीदी’ के साथ-साथ लेफ्ट और कांग्रेस गठबंधन पर निशाना साधा वहीं, ममता ने पीएम को सिलीगुड़ी से जवाब दिया।
ममता ने रैली की दौरान कहा, ‘खेला होबे! हम खेलने के लिए तैयार हैं। मैं आमना-सामना करने के लिए तैयार हूं। अगर वे (भाजपा) वोट खरीदना चाहते हैं तो पैसे ले लों और वोट टीएमसी के लिए करो।’
यह भी पढ़ें- PM मोदी का ममता से सवाल- सिर्फ एक ही भतीजे की बुआ बनकर क्यों रह गईं?
ममता बनर्जी ने कहा कि पोरिबर्तन (परिवर्तन) दिल्ली में होगा, बंगाल में नहीं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने (पीएम मोदी) ने कहा है कि बंगाल में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं, लेकिन यूपी, बिहार और अन्य राज्यों का हाल देखें। उन्होंने दावा किया कि बंगाल में महिलाएं सुरक्षित हैं। आपको बता दें कि बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में ‘असल परिवर्तन’ का नारा दिया है।
Poribortan (change) will happen in Delhi, not in Bengal. He (PM Modi) said there is no women security in Bengal but look at UP, Bihar & other states. Women are safe in Bengal: West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee in Siliguri pic.twitter.com/R2GLMazQH9
— ANI (@ANI) March 7, 2021
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड मैदान से ममता बनर्जी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कई सवाल पूछे। प्रधानमंत्री ने पूछा कि क्या बंगाल के युवाओं के रोजगार की स्थिति में परिवर्तन आया? क्या बंगाल के औद्योगीकरण में वो परिवर्तन आया, जितना उसका सामर्थ्य है? क्या दशकों से चली आ रही खून-खराबे की राजनीति में परिवर्तन आया? वामपंथियों के विरुद्ध ममता दीदी ने परिवर्तन का नारा दिया था। पश्चिम बंगाल से मां, माटी, मानुष के लिए काम करने का वादा किया था। पिछले 10 साल से यहां टीएमसी की सरकार है, क्या सामान्य बंगाली परिवार के जीवन में वो परिवर्तन आया, जिसकी उसे अपेक्षा थी?
यह भी पढ़ें- मोदी का ममता को चैलेंज- इस बार खेला नहीं, आपका खेल खत्म होगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज बंगाल का मानुष परेशान है। वो अपनी आंखों के सामने अपनों का खून बहता देखता है। वो अपनों को अपनी आंखों से सामने लुटते देखता है। वो अपनों को इलाज के अभाव में दम तोड़ते देखता है। वो अवसरों के अभाव में अपनों को पलायन करते देख रहा है। और पूरा बंगाल अब एक स्वर में कह रहा है- आर नॉय,आर नॉय।







