खुदरा मुद्रास्फीति फरवरी में बढ़कर 5.03 प्रतिशत पर पहुंच गई। शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित खुदरा मुद्रास्फीति इससे एक माह पहले जनवरी में यह 4.06 प्रतिशत थी। वहीं जनवरी में औद्योगिक उत्पादन 1.6 प्रतिशत घट गया है।
जनवरी में सब्जियों ने कम की थी महंगाई
जनवरी में मुद्रस्फीति के 4.06 प्रतिशत पर होने का मुख्य कारण सब्जियों की कीमतों में कमी आना था। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित खुदरा मुद्रास्फीति इससे एक माह पहले दिसंबर 2020 में 4.59 फीसद थी। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, खाद्य वर्ग में कीमतों में सालाना आधार पर वृद्धि की दर जनवरी 2021 में 1.89 फीसद रही। दिसंबर 2020 में खाद्य मुद्रास्फीति 3.41 फीसद थी।
रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति तय करते समय खुदरा मुद्रास्फीति की दर पर गौर करता है। संसद ने रिजर्व बैंक को खुदरा मुद्रास्फीति को दो फीसद घट-बढ़ के साथ चार फीसद रखने की नीतिगत जिम्मेदारी दी है। जनवरी में लगातार दूसरे महीने खुदरा मुद्रास्फीति इस दायरे में रही है। जनवरी 2021 में सब्जियों की कीमतों में और नरमी आयी। इनकी मुद्रास्फीति शून्य से 15.84 फीसद नीचे रही। इसी तरह दाल एवं उत्पाद श्रेणी में मुद्रास्फीति नरम होकर 13.39 फीसद पर आ गयी। इससे पहले दिसंबर 2020 में सब्जियों की मुद्रास्फीति शून्य से 10.41 फीसद नीचे तथा दाल एवं उत्पाद खंड में 15.98 फीसद रही थी।







