महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने बुधवार को कहा कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपना राज्य सरकार के लिए कोई झटका नहीं है। टोपे ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश कोई झटका नहीं है। कोर्ट के फैसले का पालन होगा। उन्होंने कहा कि आगे क्या करना है इसको लेकर हमारी सरकार के वरिष्ठ अधिकारी फैसला लेंगे।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत को कथित रूप से आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती और अन्य के खिलाफ पटना में दर्ज प्राथमिकी की जांच सीबीआई को सौंपने के बिहार सरकार के निर्णय को बुधवार को बरकरार रखा। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा है कि महाराष्ट्र सरकार एक सीमित दायरे में जांच कर रही थी।
न्यायमूर्ति ऋषिकेश रॉय की एकल पीठ ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिए अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती की याचिका पर अपने फैसले में कहा कि राजपूत के पिता की शिकायत पर बिहार पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी सही है और इसे सीबीआई को सौंपना विधिसम्मत है। रिया चक्रवर्ती ने पटना के राजीव नगर थाने में दर्ज इस मामले को मुंबई स्थानांतरित करने का अनुरोध करते हुए उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की थी।
सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला भले ही रिया चक्रवर्ती की याचिका पर आया हो, लेकिन इसका सबसे बड़ा झटका महाराष्ट्र सरकार और मुंबई पुलिस को लगा है। दोनों ने ही बार-बार बिहार पुलिस की ओर से दर्ज एफआईआर पर सवाल उठाए थे और कहा था कि यह मामला पुलिस पुलिस के क्षेत्राधिकार में नहीं आता है। इससे पहले, केंद्र ने बिहार सरकार की सिफारिस को स्वीकार करते हुए मामले की सीबीआई जांच का आदेश दिया था।
महाराष्ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का भी विरोध किया। पटना में राजपूत के पिता केके सिंह ने आत्महत्या से संबंधित धाराओं के तहत एक शिकायत दर्ज की गई थी। वहीं, मुंबई पुलिस खुद इस मामले की जांच कर रही है।







