महाराष्ट्र में सोमवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 3365 नए मामले सामने आए। इसके साथ ही राज्य में पिछले छह दिन से रोजाना नए मामलों का आंकड़ा 3000 की संख्या से अधिक दर्ज किया जा रहा है। महाराष्ट्र में रविवार को 4092 नए मामले सामने आए थे। संक्रमण के मामलों में जारी वृद्धि के बीच राज्य सरकार ने ‘सख्त निर्णय’ लिए जाने को लेकर आगाह किया है।
एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, राज्य में सोमवार को संक्रमण के चलते 23 मरीजों की मौत हो गई जबकि 3105 मरीज संक्रमणमुक्त हुए हैं। अब तक 1978708 लोग स्वस्थ हो चुके हैं जबकि 36201 मरीज उपचाराधीन हैं। राज्य में अब तक कोरोना वायरस संक्रमण के 2067643 मामले सामने आ चुके हैं जबकि 51552 लोगों की इस घातक वायरस के कारण मौत हुई है।
बयान के मुताबिक, मुंबई, नागपुर और अमरावती जैसे शहरों में भी सोमवार को 400 से अधिक मामले दर्ज किए गए। हालांकि, पालघर एकमात्र ऐसा जिला रहा, जहां सोमवार को संक्रमण का एक भी मामला सामने नहीं आया। राज्य स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, मुंबई शहर में सोमवार को संक्रमण के 493 नए मामले सामने आए जबकि नागपुर में 415 मरीज मिले।
इस बीच, महाराष्ट्र के कुछ जिलों में कोविड-19 मामलों में वृद्धि को ‘खतरनाक बताते हुए, उप मुख्यमंत्री अजीत पवार ने सोमवार को लोगों को आगाह किया कि सरकार कुछ ‘कठोर फैसले ले सकती है और इसके लिए लोगों को तैयार रहना चाहिए। पूर्वी महाराष्ट्र में विदर्भ क्षेत्र के कुछ जिलों, खासकर अमरावती और नागपुर, तथा उत्तर महाराष्ट्र के नासिक में पिछले कुछ दिनों में संक्रमण के नए मामलों की संख्या बढ़ी है।
पत्रकारों से बात करते हुए, पवार ने लोगों द्वारा महामारी से बचने के लिए उपयुक्त व्यवहार का पालन नहीं करने और दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने पर नाराजगी व्यक्त की। राज्य के वित्त मंत्री पवार मराठवाड़ा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आठ जिलों की समीक्षा बैठक के लिए औरंगाबाद में थे। उन्होंने कहा, मुझे पता चला है कि लोग कोविड-19 दिशानिर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं, जो संक्रमण के प्रसार को रोकने के उद्देश्य से बनाए गए हैं।
उन्होंने आगे कहा कि यदि स्थिति बिगड़ती है, तो हमें इस लापरवाही की भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है। राज्य में नए मामलों की संख्या चिंताजनक है। हमने देखा है कि महामारी की दूसरी लहर के मद्देनजर दुनिया के कई हिस्सों में फिर से लॉकडाउन लगाया गया। पवार ने कहा कि इस मुद्दे पर आज रात मुंबई में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साथ चर्चा की जाएगी।







