महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को साफ कर दिया है कि फिलहाल राज्य में लॉकडाउन नहीं लग रहा है। इसके साथ-साथ उन्होंने एक चेतावनी भी दी कि अगर इसी हिसाब कोरोना वयारस के केस बढ़ते रहे तो 15 दिन में संसाधन कम पड़ने लगेंगे। इसके अलावा उन्होंने दूसरे राज्यों की तुलना में महाराष्ट्र में कोरोना केस क्यों ज्यादा हैं इसका भी जवाब दिया। 

उद्धव ठाकरे ने कहा कि हम किसी भी चीज को छिपाना नहीं चाहते, जो भी सच है वह हम लोगों के सामने रखते हैं। कुछ लोग कहते हैं कि दूसरे राज्यों में आखिर केस क्यों नहीं बढ़ रहे हैं। मैं किसी और राज्य के बारे में बात नहीं करना चाहता। मैं अपने राज्य को लेकर पूरी जिम्मेदारी निभाऊंगा। आप सभी लोगों को पिछला मार्च याद होगा, जब अस्पतालों में बेड और एंबुलेंस तक कम पड़ रहे थे, लेकिन हमने इसे सुधारने पर काम किया है।

लॉकडाउन पर और क्या बोले उद्धव ठाकरे?
शुक्रवार रात को राज्य की जनता को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि यदि लॉकडाउन लगाने का फैसला होगा तो फिर आर्थिक स्थिति खराब होगी। हमें धैर्य के साथ कोरोना से लड़ना होगा। एजजुट होकर हमें कोरोना से युद्ध लड़ना होगा। हमने इसके लिए प्रयास किए भी हैं। राज्य में 500 स्थानों पर कोरोना टेस्ट की सुविधा दी गई है। आज की तारीख में हर दिन 1 लाख 82 हजार टेस्टिंग कर रहे हैं, जल्दी ही यह आंकड़ा 2.5 लाख तक पहुंचेगा।

62 फीसदी बेड भर चुके हैं
उद्धव ठाकरे ने कहा कि यदि हालात यही रहे तो फिर लॉकडाउन से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्थिति डरावनी है, लेकिन हम सच छिपा नहीं सकते। हमारे पास 2,20,000 आइसोलेशन बेड हैं और उनमें से 62 फीसदी बेड भर चुके हैं। आइसोलेशन बेड 20,000 हैं, जिनमें से 48 फीसदी भर गए हैं। इसके अलावा वेंटिलेटर भी 30 फीसदी भर गए हैं। यदि यही हाल रहा तो आने वाले 15 दिनों में हमारा इन्फ्रास्ट्रक्चर कमजोर साबित होने लगेगा। यदि हम बेड बढ़ा भी देंगे तो डॉक्टर और नर्स कहां से लाएंगे।
 



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