कोरोना कर्फ्यू के बावजूद महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण की रफ्तार कम नहीं हुई तो उद्धव ठाकरे सरकार ने राज्य में सख्त लॉकडाउन जैसी पाबंदियां लगा दी हैंं। 22 मार्च रात 8 बजे से 1 मई सुबह 7 बजे तक राज्य में सख्त पाबंदियां लागू रहेंगी। हालांकि, राज्य सरकार ने इसे संपूर्ण लॉकडाउन का नाम नहीं दिया है, लेकिन नियम पिछले साल लगे लॉकडाउन की तरह ही सख्त हैं। राज्य सरकार ने ‘ब्रेक द चेन’ मुहिम के लिए नई गाइडलाइंस भी जारी की है। इसके मुताबिक, जरूरी और आपातकालीन स्थिति को छोड़कर अन्य सभी गतिविधियों और सेवाओं पर रोक लगा दी गई है।

सभी सरकारी दफ्तरों (राज्य, केंद्र या लोकल अथॉरिटी) में केवल 15 फीसदी कर्मचारियों की उपस्थिति हो सकती है। इस नियम से केवल उन दफ्तरों को छूट होगी जो जरूरी सेवाओं से जुड़े हुए हैं। 13 अप्रैल को ब्रेक द चेन मुहिम के हत सेक्शन 5 में रखे गए दफ्तरों में 15 फीसदी या अधिकतम 5 कर्मचारी रह सकते हैं। 

शादी समारोह में 2 घंटे से अधिक समय तक नहीं चल सकते हैं और इनमें 25 से अधिक लोग शामिल नहीं होंगे। यदि किसी शादी समारोह में इन नियमों का उल्लंघन पाया गया तो 50 हजार रुपए का जुर्माना किया जा सकता है। 

प्राइवेट पैसेंजर ट्रांसपोर्ट
बसों को छोड़कर सभी प्राइवेट पैसेंजर ट्रांसपोर्ट केवल इमर्जेंसी या जरूरी सेवा या वैध कारण से चल सकते हैं, जिनमें क्षमता से 50 फीसदी लोग नहीं होंगे। ये वाहन एक जिले से दूसरे जिले में नहीं जाएंगे। एक जिले से दूसरे जिले या एक शहर से दूसरे शहर में यात्रा केवल जरूरी सेवा या मेडिकल इमर्जेंसी के हालात में की जा सकती है। इन नियमों का उल्लंघन करने पर 10 हजार रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकता है। 

बस यात्रा पर 14 दिन होम क्वारंटाइन
प्राइवेट बसों 50 सीटिंग क्षमता के 50 फीसदी तक यात्री हो सकते हैं, लेकिन कोई खड़ा होकर यात्रा नहीं करेगा। बसें एक शहर में अधिकतम दो स्थानों पर रुकेंगी। बसों से उतरने के बाद यात्रियों के हाथों पर मुहर लगाया जाएगा और कम से कम 14 दिनों तक होम क्वारंटाइन रहना होगा।





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