नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

मुंबई के कांदीवली में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया जब यहां एक घर के टॉइलट के अंदर छिपकली मिली। छिपकली मिलना कोई खास बात नहीं लेकिन खास यह है कि इस छिपकली की लंबाई तीन फीट थी। इतनी बड़ी छिपकली देखकर हर कोई हैरान हो गया। आस-पास इलाकों से कई लोग इस छिपकली को देखने पहुंचे।

प्लास्टिक एग्जॉस्ट तोड़कर घुसी अंदर

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इतनी बड़ी छिपकली को टॉइलट के अंदर देखकर हर कोई हैरान हो गया। डर के कारण किसी की हिम्मत उसके पास जाने की नहीं हुई। पुलिस को सूचना दी गई। ऐनिमल रेस्क्यूवर मौके पर पहुंचे। उन्होंने पाया कि यह छिपकली टॉइलट का प्लास्टिक एग्जॉस्ट तोड़कर अंदर घुसी थी।

दो महीने से बंद पड़ा था घर

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आईटी प्रफेशनल अविनाश गावड़े ने बताया कि वह अब दहिसर में रहते हैं। शुक्रवार को वह कांदिवली के गावड़े कंपाउंड स्थित अपने घर गए। यह घर बीते दो महीने से बंद पड़ा था।

टॉइलट के अंदर घुसते ही उड़े होश

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अविनाश ने बताया कि शुक्रवार को उन्होंने घर का ताला खोला और अंदर गए। जब उन्होंने टॉइलट का दरवाजा खोला तो देखा कि उसका एग्जॉस्ट फैन नीचे टूटा पड़ा था। वह पंखा उठाने के लिए जैसे ही झुके उन्होंने टॉइलट के अंदर बड़ी से छिपकली देखी। वह डरकर घर के बाहर भागे।

डरे अविनाश को एनजीओ ने दी दिलासा

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अविनाश ने कहा कि अच्छा हुआ कि टॉइलट का दरवाजा कस कर बंद था नहीं तो छिपकली घर के दूसरे कमरों में जाकर छिप जाती। अविनाश ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। उसके बाद पशुओं के लिए काम करने वाली संस्था स्प्रेडिंग अवेयरनेस ऑन रेप्टाइल्स ऐंड रीहैविलिटेशन प्रोग्राम (SARRP) को सूचना दी गई। अविनाश बहुत घबराया हुआ था। एनजीओ की तरफ से उन्हें समझाया गया और न डरने की सलाह दी गई।

जांच के बाद जंगल में छोड़ी गई

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एनजीओ के रेस्क्युवर अमित सडके मौके पर पहुंचे और उन्होंने पाया कि वह एक मॉनिटर लिजार्ड (गोह) थी। वह कमॉड के अंदर बैठी थी। उसे निकालकर पशु चिकित्सक के पास ले जाया गया। जहां जांच के बाद अमित सडके ने उसे जंगली इलाके में ले जाकर छोड़ दिया।

बारिश के चलते टॉइलट में घुसी

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संस्था की सदस्य चित्रा पेडनेकर ने बताया कि मुंबई में भारी बारिश से जन-जीवन बेहाल है। पशु-पक्षी भी सुरक्षित ठिकाना ढूंढते हैं। गोह भी सूखी और गर्म जगह ढूंढती हुई टॉइलट के अंदर चली गई होगी। पशु चिकित्सक डॉ. सुनेत्रा वडके ने बताया कि उन्होंने छिपकली का चेकअप किया था। वह पूरी तरह से ठीक थी, उसके बाद उसे जंगल में छोड़ा गया है।



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