उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में आज यानी रविवार को किसान महापंचायत होने वाली है। महापंचायत के दौरान किसान जीआईसी मैदान में जुटेंगे। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले सैकड़ों किसान यहां केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करेंगे। बताया जा रहा है कि इस महापंचायत में देशभर के 300 से ज्यादा सक्रिय संगठन शामिल होंगे, जिनमें करीब 60 किसान संगठन होंगे और अन्य कर्मचारी, मजदूर, छात्र, शिक्षक, रिटायर्ड अधिकारी, सामाजिक, महिला आदि संगठन शामिल रहेंगे। किसानों के 40 संगठन अग्रणी भूमिका में रहेंगे, जबकि 20 संगठन पूरा सहयोग करेंगे।

इधर रालोद के अध्यक्ष जयंत चौधरी को मुजफ्फरनगर में संयुक्त किसान मोर्चा की महापंचायत में आने वाले किसानों पर पुष्प वर्षा करने की अनुमति नहीं मिली है। जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर को पुष्प वर्षा की अनुमति देने के लिए लिखे गए लेटर की प्रति ट्वीट करते हुए जयंत चौधरी ने लिखा कि किसानों के सम्मान से भला सरकार को क्या खतरा। बहुत माला पहनी हैं, मुझे जनता ने बहुत प्यार, सम्मान दिया है। अन्नदाताओं पर पुष्प बरसाकर उनका नमन और स्वागत करना चाहता था। डीएम एडीजी सिटी मजिस्ट्रेट प्रमुख सचिव और मुख्यमंत्री सबको सूचित किया लेकिन अनुमति नहीं दे रहे! किसान के सम्मान से सरकार को क्या ख़तरा है?

भले ही जयंत चौधरी को प्रशासन ने किसान महापंचायत पर पुष्प वर्षा की अनुमति नहीं दी। लेकिन रालोद के प्रदेश मीडिया संयोजक सुनील रोहटा ने बताया कि प्रशासन के अनुमति न दिए जाने की स्थिति में भी रालोद सुप्रीमो जयन्त चौधरी हेलीकॉप्टर द्वारा पुष्प वर्षा अवश्य करेंगे।  किसानों पर हेलीकॉप्टर द्वारा पुष्प वर्षा के बाद तिरंगा फहराते हुए जयन्त चौधरी बिना उतरे वापस दिल्ली लौट जाएंगे।

किसान महापंचायत को देखते हुए यूपी पुलिस भी अलर्ट पर है। कुछ मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि यहां किसानों ने 500 लंगर शुरू किए हैं। 100 चिकित्सा शिविर भी लगाए गए हैं। इस महापंचायत को लेकर राकेश टिकैत ने जानकारी दी थी कि इस किसान महापंचायत में तीन नए कृषि कानूनों और किसानों के मुद्दों पर चर्चा होगी। भारतीय किसान यूनियन का दावा है कि पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र और दक्षिण के राज्यों समेत पूरे देश से किसान इस महापंचायत में हिस्सा लेंगे।



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