मुजफ्फरपुर के कांटी-शिवहर रोड में रघई के समीप रविवार को दिनदहाड़े अपराधियों ने पटना में बालू-गिट्टी का कारोबार करने वाले योंगेद्र कुमार (45) को गोलियों से भून डाला। घटना के वक्त उनके साथ पत्नी, साला व तीन बच्चे भी थे। वह अपने पैतृक गांव पूर्वी चंपारण के तेतरिया थाने के राजेपुर से भतीजी की शादी में शामिल होकर स्कॉर्पियो से पटना के कंकड़बाग लौट रहे थे।
दोपहर करीब ढाई बजे दो बाइक सवार चार नकाबपोश अपराधियों ने स्कॉर्पियो को आगे से घेरकर खिड़की से गोलियों की बौछार कर दी। ऑटोमेटिक पिस्टल से फायरिंग की। व्यवसायी के सिर व गर्दन में चार गोलियां लगी। गाड़ी पर भी गोलियां लगी। इसके बाद अपराधी रघई पुल की ओर फरार हो गए। स्कॉर्पियो से ही व्यवसायी के साला उन्हें लेकर कांटी पीएचसी पहुंचे, जहां से एसकेएमसीएच रेफर कर दिया। परिजन व्यवसायी को बैरिया स्थित एक निजी अस्पताल ले गए। वहां से भी डॉक्टर ने एसकेएमसीएच भेज दिया। एसकेएमसीएच ले जाने पर इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर ने व्यवसायी को मृत घोषित कर दिया।
बेटे ने दुश्मनी में हत्या की जतायी आशंका
मीनापुर थाना अंतर्गत पानापुर ओपी की पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजन को सौंप दिया है। सबसे बड़े पुत्र 16 वर्षीय सचिन कुमार और साला का बयान भी दर्ज किया है। इसमें चार अज्ञात अपराधियों को आरोपित किया है। पुत्र सचिन ने बताया है कि पापा की किसी से रंजिश या दुश्मनी थी या नहीं इसकी जानकारी नहीं है, लेकिन आशंका है कि किसी ने दुश्मनी में पापा की हत्या कराई है। यह भी आशंका जतायी गयी कि अपराधी काफी पहले से ही पीछा कर रहे थे।
बाइक सवार अपराधियों ने व्यवसायी की गोली मारकर हत्या कर दी है। मौके से चार खोखा मिला है। परिजन के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। हत्यारे जल्द पकड़े जाएंगे। पुलिस हर बिंदु पर छानबीन कर रही है। एएसपी वेस्ट पूरे मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
-जयंतकांत, एसएसपी
स्कॉर्पियो की खिड़की में पिस्टल घुसाकर कर दी गोलियों की बौछार
बालू-गिट्टी के व्यवसायी योगेंद्र कुमार के बेटे सचिन कुमार ने बताया कि उनके चाचा की बेटी की शादी शुक्रवार को थी। वह मम्मी-पापा, छह साल के भाई, 12 साल की बहन और मामा के साथ गुरुवार को पटना के कंकड़बाग स्थित जोगीपुर से मोतिहारी के राजेपुर आया था। शादी खत्म होने के बाद पिता खुद स्कॉर्पियो ड्राइव कर पटना लौट रहे थे।
सचिन ने बताया कि कांटी-शिवहर रोड से लौट रहे थे। प्राथमिक विद्यालय कांटी मधुबन के पास सड़क जर्जर थी। स्कॉर्पियो के आगे एक कार चल रही थी। स्कूल के पास पिता ने स्कॉर्पियो की रफ्तार धीमी की। इसबीच अचानक दो हाईस्पीड बाइक सवार चार युवक मास्क लगाए आ धमके और स्कॉर्पियो को आगे से घेर लिया। पिस्टल तान दी। दोनों बाइक से एक-एक युवक उतरे। पिता की साइड वाली खिड़की खुली हुई थी। खिड़की से पिस्टल अंदर घुसा दी और ताबड़तोड़ फायारिंग कर दी।
सचिन ने पुलिस को बताया कि पापा ने अपराधियों से जान नहीं मारने की मिन्नत भी की। कहा कि स्कॉर्पियो ले लो और हमें छोड़ दो, लेकिन उनलोगों ने एक नहीं सुनी और दनादन फायरिंग की और चलते बने। पापा की बगल वाली सीट पर मामा बैठे थे। वह बाल-बाल बच गए। बता दें कि व्यवसायी की पत्नी व तीन बच्चे पीछे वाली सीट पर बैठे थे। कितनी गोलियां चली, इसका उन्हें ध्यान नहीं है।
घनी आबादी में दिया वारदात को अंजाम :
जिस जगह पर व्यवसायी को अपराधियों ने गोलियों ने भूना, वह घनी आबादी के बीच है। गोलियों की तड़तड़ाहट से इलाका गूंज गया। एक से दो मिनट में अपराधियों ने वारदात को अंजाम दे डाला। जबतक ग्रामीण मौके पर पहुंचते, सभी अपराधी फरार हो चुके थे। ग्रामीणों ने पानापुर ओपी को फोन कर घटना की जानकारी दी। साथ ही जख्मी व्यवसायी को अस्पताल ले जाने में मदद भी की।
एसकेएमसीएच में पत्नी हो रही थी बेहोश:
पुलिस दोपहर करीब तीन बजे मौके पर पहुंची। मौके से चार खोखा भी बरामद किया। ग्रामीणों से जानकारी लेने के बाद कांटी पीएचसी गई। वहां से सूचना मिली कि व्यवसायी को एसकेएमसीएच रेफर कर दिया गया है। उनकी स्थिति नाजुक है। दूसरी ओर पत्नी एसकेएमसीएच में बार-बार बेहोश होकर गिर रही थी। बच्चे इतने घबरा गए थे कि उनलोगों की आवाज तक नहीं निकल रही थी। साला का भी हाल भी इसी तरह था। सूचना देने के बाद मोतिहारी से भी परिजन एसकेएमसीएच पहुंच गए थे।







