कर्नाटक में बीएस येदियुरप्पा के इस्तीफे के बाद बसवराज बोम्मई को राज्य का मुख्यमंत्री बनाया गया है। मुख्यमंत्री बनने के बाद बसवराज बोम्मई बुधवार को राज्य विधानसभा भी पहुंचे। जहां उन्होंने विधानसभा में प्रवेश करने से पहले सीढ़ियों पर अपना मत्था टेका फिर आगे बढ़े। बता दें कि इससे पहले जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनकर पहली बार संसद पहुंचे थे तो उन्होंने भी सीढ़ियों पर मत्था टेका था। बोम्मई भी कुछ उसी अंदाज में नजर आए।
बसवराज बोम्मई ने बुधवार को कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली। राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने यहां राज भवन में उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। कर्नाटक में भाजपा के विधायक दल ने मुख्यमंत्री पद पर असमंजस को खत्म करते हुए मंगलवार शाम को 61 वर्षीय बोम्मई को अपना नया नेता चुना। बोम्मई ने कद्दावर नेता बी एस येदियुरप्पा का स्थान लिया है।
येदियुरप्पा का करीबी माना जाता
उत्तर कर्नाटक से लिंगायत समुदाय के नेता बोम्मई को येदियुरप्पा का करीबी माना जाता है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि बोम्मई को मुख्यमंत्री बनाने में वरिष्ठ भाजपा नेता की पूरी सहमति है। दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री एस आर बोम्मई के बेटे बोम्मई सोमवार को भंग हुई येदियुरप्पा की मंत्रिपरिषद में गृह मामलों, कानून, संसदीय मामलों और विधायी मामलों के मंत्री थे। कर्नाटक में एच डी देवगौड़ा और एच डी कुमारस्वामी के बाद यह पिता-पुत्र की दूसरी जोड़ी है जो मुख्यमंत्री बने हैं।
New Chief Minster Basavaraj Bommai touches Vidhana Soudha steps while entering after he took over as the new responsibility. pic.twitter.com/m9hu8Hkmp0
— Vishweshwar Bhat (@VishweshwarBhat) July 28, 2021
तीन बार के विधायक और दो बार पार्षद रहे हैं
बोम्मई हावेरी जिले में शिगगांव से तीन बार के विधायक हैं तथा दो बार वह पार्षद रहे हैं। उनके शपथ ग्रहण समारोह में येदियुरप्पा, केंद्रीय मंत्री प्रधान और जी किशन रेड्डी, भाजपा के राष्ट्रीय सचिव एवं कर्नाटक के प्रभारी अरुण सिंह, प्रदेश अध्यक्ष नलिन कुमार कतील और राष्ट्रीय महासचिव सी टी रवि तथा कई अन्य नेता मौजूद रहे। प्रधान और रेड्डी को विधायक दल की बैठक के लिए भाजपा के संसदीय बोर्ड ने केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया था।







