प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के मंत्रिमंडल का आज शाम छह बजे विस्‍तार होने जा रहा है। इसके चंद घंटे पहले निषाद पार्टी (निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल) के संस्थापक संजय निषाद ने एक बार फिर अपनी मांग दोहराई है। संजय निषाद ने कहा कि यदि अनुप्रिया पटेल को कैबिनेट में जगह दी जा सकती है, वह मंत्री बन सकती हैं तो प्रवीण निषाद क्‍यों नहीं?  

संजय निषाद ने कहा कि मैं दोहराना चाहता हूं कि प्रवीण निषाद ने 2018 के चुनाव में गोरखपुर में योगी आदित्‍यनाथ (योगी आदित्‍यनाथ के सीएम बनने के बाद उनके इस्‍तीफे से खाली हुई इस सीट पर प्रवीण बतौर सपा उम्‍मीदवार जीते थे) को हराया था। 2019 में हमारे साथ आने पर भाजपा को 40 सीटों पर फायदा हुआ और ये सीटें पार्टी ने जीतीं। उन्‍होंने सवाल उठाया कि यदि अनुप्रिया पटेल कैबिनेट में जगह पा सकती हैं तो निषाद क्‍यों नहीं जिन्‍होंने 160 सीटें (हाल में हुए पंचायत चुनाव में) हासिल की हैं। 

हाल में अमित शाह से मिले थे संजय और प्रवीण 
केंद्र में मंत्री पद की मांग को लेकर हाल में संजय निषाद और उनके बेटे प्रवीण निषाद ने दिल्‍ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद संजय निषाद ने खुद को यूपी के 2022 के विधानसभा चुनाव में डिप्‍टी सीएम का चेहरा बनाने की मांग भी सार्वजनिक कर दी थी। पिछले कई दिनों से निषाद पार्टी, मोदी मंत्रिमंडल में अपनी जगह बनाने के लिए प्रयत्‍नशील है। संजय निषाद इधर कुछ दिनों से लगातार इस बारे में बयान दे रहे हैं। 

संजय निषाद की मांग का आधार 
दरअसल, संजय निषाद अपने निषाद समाज के वोटों की ताकत के बदले सत्‍ता में भागीदारी की मांग कर रहे हैं। उनकी ताकत है उनकी जाति और उसका बड़ा जनसांख्‍यिकीय समूह। बताते हैं कि पूर्वी यूपी समेत राज्‍य के करीब 16 जिलों में विधानसभा और लोकसभा की कई सीटों पर इस जाति समूह के वोट निर्णायक होते हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश में निषाद समुदाय की अच्छी-खासी आबादी है। इस पार्टी का निषाद, केवट, मल्लाह, बेलदार और बिंद बिरादरियों में अच्छा प्रभाव माना जाता है। डा.संजय निषाद दावा करते हैं कि यूपी की 100 से ज्यादा विधानसभा सीटों पर उनका समुदाय जिताने या हराने की ताकत रखता है। 

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