त्योहारी सीजन से पहले मोदी सरकार एक बार फिर आपके लिए सस्ता सोना खरीदने का मौका दे रही है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना 2020-21 की सातवीं सीरीज  आज 12 अक्टूबर से शुरू हो गई है। आपके पास मार्केट रेट से सस्ते में सोना खरीदने का मौका है और ये 16 अक्टूबर तक खरीदा जा सकता है। बता दें सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेशक को फिजिकल रूप में सोना नहीं मिलता। यह फिजिकल गोल्ड की तुलना में अधिक सुरक्षित है।

यह भी पढ़ें: Gold Price Latest: सोने-चांदी के भाव में बड़ा बदलाव, जानें 14 से 24 कैरेट गोल्ड का ताजा भाव

5,051 रुपये प्रति ग्राम के रेट से मिलेगा सोना

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने एक बयान में कहा है कि स्वर्ण बॉन्ड का निर्गम मूल्य 5,051 रुपये प्रति ग्राम तय किया गया है। आरबीआई ने एक बयान में कहा, ”बॉन्ड का मूल्य अभिदान अवधि से पिछले सप्ताह के आखिरी तीन कारोबारी दिनों में 999 शुद्धता वाले सोने के औसत बंद भाव के आधार पर 5,051 रुपये प्रति ग्राम है। बयान में आगे कहा गया कि सरकार ने आरबीआई के परामर्श से ऑनलाइन आवेदन करने और डिजिटल माध्यम से भुगतान करने वाले निवेशकों को प्रति ग्राम 50 रुपये की छूट देने का फैसला किया है।  केंद्रीय बैंक ने कहा, ”ऐसे निवेशकों के लिए स्वर्ण बॉन्ड की कीमत 5,001 रुपये प्रति ग्राम होगी।

सॉवरेन स्वर्ण बॉन्ड योजना (एसजीबी) की 2020-21 श्रृंखला की आठवीं कड़ी नौ नवंबर से 13 नवंबर तक अभिदान के लिए खुलेगी।  आरबीआई भारत सरकार की ओर से सॉवरेन स्वर्ण बॉन्ड 2020-21 जारी कर रहा है। 

एक ग्राम से चार किलोग्राम तक खरीद सकते हैं सोना

कहां और कैसे मिलेगा

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम में एक वित्तीय वर्ष में एक व्यक्ति अधिकतम 400 ग्राम सोने के बॉन्ड खरीद सकता है। वहीं न्यूनतम निवेश एक ग्राम का होना जरूरी है। इस स्कीम में निवेश करने पर आप टैक्स बचा सकते हैं। बॉन्ड को ट्रस्टी व्यक्तियों, HUF, ट्रस्ट, विश्वविद्यालयों और धर्मार्थ संस्थानों को बिक्री के लिए प्रतिबंधित किया जाएगा. वहीं ग्राहकी की अधिकतम सीमा 4 किलोग्राम प्रति व्यक्ति, एचयूएफ के लिए 4 किलोग्राम और ट्रस्टों के लिए 20 किलोग्राम और प्रति वित्तीय वर्ष (अप्रैल-मार्च) समान होगी।

यह भी पढ़ें: फिजिकल गोल्ड, ईटीएफ और सॉवरेन गोल्ड बांड में कौन सबसे बेहतर, जानें यहां

एसजीबी के हर आवेदन के साथ निवेशक PAN जरूरी है। सभी कामर्शियल बैंक (आरआरबी, लघु वित्त बैंक और भुगतान बैंक को छोड़कर), डाकघर, स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ़ इंडिया लिमिटेड (एसएचसीआईएल), नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ़ इंडिया लिमिटेड और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज या सीधे एजेंटों के माध्यम से आवेदन प्राप्त करने और ग्राहकों को सभी सेवाएं प्रदान करने के लिए अधिकृत हैं। 

क्या है सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेशक को फिजिकल रूप में सोना नहीं मिलता। यह फिजिकल गोल्ड की तुलना में अधिक सुरक्षित है। जहां तक शुद्धता की बात है तो इलेक्ट्रॉनिक रूप में होने के कारण इसकी शुद्धता पर कोई संदेह नहीं किया जा सकता। इस पर तीन साल के बाद लांग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगेगा (मैच्योरिटी तक रखने पर कैपिटल गेन टैक्स नहीं लगेगा) वहीं इसका लोन के लिए  इसका उपयोग कर सकते हैं। अगर बात रिडेंप्शन की करें तो पांच साल के बाद कभी भी इसको भुना सकते हैं।

गोल्ड ईटीएफ पर निवेशकों का भरोसा

गोल्ड ईटीएफ में निवेशकों का भरोसा बना हुआ है। कोरोना संकट के बीच लगातार छठे महीने इसमें निवेश आया है। आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में निवेशकों ने 597 करोड़ रुपये का निवेश किया। अगस्त में भी 908 करोड़ रुपये निवेश हुआ था। इस साल की बात करें तो इस गोल्ड ईटीएफ में अब तक 5,957 करोड़ रुपये का निवेश आ चुका है। विशेषज्ञों का कहना है कि गोल्ड ईटीएफ में हालिया मिलने वाले रिटर्न की वजह से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।

इन्पुट: एजेंसी



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here