नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने शुक्रवार को कहा कि सरकार एमएसएमई, स्टार्टअप और उद्यमियों के कुशल और प्रभावी मानदंडों को सुनिश्चित करने के लिए बिना थके काम जारी रखेगी और भारत को निवेश तथा संपत्ति अर्जित करने के सबसे आसान देशों में एक बनाएगी। कांत ने आगे कहा कि भारत के नागरिकों के लिए सुगमता के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण पर अब सरकार का फोकस होगा।

भारत में लगातार बेहतर हुआ कारोबारी माहौल

उन्होंने पीटीआई-भाषा को बताया, ”भारत में कारोबारी माहौल लगातार बेहतर हुआ है, न सिर्फ विश्व बैंक के सूचकांक (कारोबार करने में सुगमता) के लिए, बल्कि भारत को आसान और सरल बनाने के लिए। उन्होंने कहा, ”सरकार में हम सभी एमएसएमई, व्यवसाय, स्टार्टअप और उद्यमियों के कुशल और प्रभावी मानदंडों को सुनिश्चित करने के लिए बिना थके काम जारी रखेंगे और भारत को निवेश तथा संपत्ति अर्जित करने के सबसे आसान देशों में एक बनाएंगे।

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कांत विश्व बैंक के उस फैसले पर टिप्पणी कर रहे थे, जिसमें आंकड़ों के संग्रह में कई अनियमितताओं के बाद ‘डूइंग बिजनेस रिपोर्ट के प्रकाशन को रोक दिया गया था, जिसके आधार पर देशों को कारोबारी माहौल की रैंकिंग दी जाती है।  विश्व बैंक ने बृहस्पतिवार को अपनी कारोबार सुगमता के बारे में जारी होने वाली ‘डूइंग बिजनेस रिपोर्ट के प्रकाशन को स्थगित रखने का फैसला किया था। यह फैसला पिछली कुछ रिपोर्टों में डेटा में बदलाव में हुई कई अनियमितताओं के बाद लिया गया है।

भारत ने सुगमता रिपोर्ट 2020 में 14 स्थानों की लगाई छलांग

विश्व बैंक ने एक बयान में कहा, ”क्रमश: अक्टूबर 2017 और 2019 में प्रकाशित डूइंग बिजनेस रिपोर्ट 2018 और डूइंग बिजनेस रिपोर्ट 2019 के डेटा में बदलाव के संबंध में कई अनियमितताएं सामने आई हैं। ये बदलाव डूइंग बिजनेस के तरीके के साथ साम्य नहीं थे।     उल्लेखनीय है कि भारत कारोबार सुगमता रिपोर्ट 2020 में 14 स्थानों की छलांग लगाकर 63वें पायदान पर पहुंच गया है। भारत ने पिछले पांच वर्षों (2014- 2019) में 79 स्थानों की छलांग लगायी है।





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