अरबपति मुकेश अंबानी ने केंद्र सरकार के डेटा प्राइवेसी और क्रिप्टोकरेंसी बिल का समर्थन किया है। मुकेश अंबानी के मुताबिक भारत आगे की नीतियों और नियमों को लागू कर रहा है। हम सही रास्ते पर हैं। 

ब्लॉकचेन तकनीक की तारीफ:  हालांकि, मुकेश अंबानी ने क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े ब्लॉकचेन तकनीक की तारीफ भी की है। उन्होंने कहा, “मैं ब्लॉकचेन तकनीक में विश्वास करता हूं और यह क्रिप्टोकरेंसी से अलग है।” मुकेश अंबानी के मुताबिक ये तकनीक भरोसे और बराबरी वाले समाज के लिए काफी अहम है। इसका दूसरे तरीकों से फायदा उठाया जा सकता है।

बहरहाल, मुकेश अंबानी की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब सरकार छोटे निवेशकों की सुरक्षा के लिए क्रिप्टोकरेंसी को लेकर संसद में एक नया विधेयक लाने के मूड में है। ऐसा माना जा रहा है कि सरकार निजी क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगाने का इरादा रखती है। भारतीय क्रिप्टोकरेंसी के प्रभाव को लेकर रिजर्व बैंक पहले ही सरकार को सचेत कर चुका है। हालांकि, रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास के मुताबिक क्रिप्टोकरेंसी के मुकाबले ब्लॉकचेन तकनीक ज्यादा मजबूत है जो करेंसी के बिना भी मौजूद रह सकती है।

क्या है ब्लॉकचेन: ये तकनीक एक ऐसा प्लेटफॉर्म हैं जहां से क्रिप्टोकरेंसी के बहीखाते का हिसाब रखा जा सकता है। ये डिसेंट्रलाइज्ड लेजर होता है। इसी नेटवर्क के जरिए क्रिप्टोकरेंसी को बेचा या खरीदा जाता है।



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