इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का पहला सीजन 2008 में खेला गया था। पहले सीजन के बाद से पाकिस्तानी क्रिकेटरों को आईपीएल में खेलने का मौका नहीं मिला है। 2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमलों के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच राजनीतिक के साथ ही क्रिकेटिंग रिश्ते भी बिगड़ गए। आईपीएल के तर्ज पर पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) खेला जाता है, जिसमें भारतीय क्रिकेटर्स हिस्सा नहीं लेते हैं। पाकिस्तान के तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर का मानना है कि खेल की बात की जाए तो राजनीति को अलग कर देना चाहिए। पीएसएल में भारतीय क्रिकेटरों के खेलने की संभावनाओं को लेकर आमिर ने अपनी बात रखी।

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भारत और पाकिस्तान के बीच 2012-13 के बाद से कोई द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेली गई है, दोनों टीमें महज आईसीसी टूर्नामेंट्स में एक-दूसके के खिलाफ खेलती हैं। लिमिटेड ओवर क्रिकेट में पाकिस्तान के बेस्ट गेंदबाजों में शुमार आमिर ने कहा कि अगर विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे महान बल्लेबाज पीएसएल में खेलते तो बहुत अच्छा रहता। एक इंटरव्यू में आमिर ने कहा, ‘हमने हमेशा कहा है कि खिलाड़ी के तौर पर क्रिकेट या और किसी खेल को राजनीति से अलग रखना चाहिए। मुझे चैलेंज बहुत पसंद है, जैसे कि विराट और रोहित जैसे बल्लेबाजों को गेंदबाजी करना।’

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आमिर ने कहा कि यह दोनों टीमों के क्रिकेटरों के लिए अच्छा रहेगा, अगर दोनों देशों की टी20 लीग में दोनों देशों के क्रिकेटरों को खेलने का मौका मिला। उन्होंने कहा, ‘यह आईपीएल हो या पीएसएल यह खिलाड़ियों के लिए अच्छा होगा।’ शोएब अख्तर, शाहिद अफरीदी, मोहम्मद आसिफ और शोएब मलिक समेत 11 पाकिस्तानी क्रिकेटरों ने आईपीएल 2008 में हिस्सा लिया था। अजहर महमूद इकलौते ऐसे पाकिस्तानी क्रिकेटर हैं, जो 2008 के बाद आईपीएल खेल चुके हैं, लेकिन ब्रिटिश पासपोर्ट पर।



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