दौसा। जाको राखे साइयां मार सके न कोई, बाल न बांका कर सके जो जग बैरी होय। ऐसा ही वाक़या गुरुवार को राजस्थान के दौसा जिले में सामने आया। यहां भांडारेज मोड़ के समीप एक कुएं में 4 दिन से जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ते युवक को जिंदा रेस्क्यू किया गया। यहां मवेशी चराते हुए हादसे का शिकार हुआ युवक जमीन के लेवल पर बने एक कुएं में गिर गया था। तभी से इस सुनसान इलाके में सैकड़ों फीट गहराई से मदद के लिए गुहार लगा रहा था। सुबह किसी चरवाहे ने उसकी पुकार सुनी और सदर थाना पुलिस को इसकी सूचना दी। इसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ। जोधपुर कोर्ट परिसर से लड़की को उठाया, अब ऑनर किलिंग की आशंका4 दिन से भूखे-प्यासे युवक को सकुशल बाहर निकालाइससे पहले सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने कुएं के अंदर देखा तो एक व्यक्ति बाहर निकालने की गुहार लगा रहा था। पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से रस्सी मंगवाई। रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और जल्द ही 4 दिन से कुएं में भूखे-प्यासे युवक को सकुशन बाहर निकाल लिया गया। फिलहाल युवक को दौसा जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।कोरोना के डर पर भारी ये जज्बा, Viral हुआ पीपीई किट वाला ये डांसमुकेश बंजारा के रूप में पहचानयुवक के बाहर निकालने के बाद उसकी पहचान जसोता निवासी महेंद्र बंजारा के रूप् में हुई। उसने बताया कि 4 दिन पहले भांडारेज मोड़ के पास वह मवेश चरा रहा था। तभी समतल जमीन पर बने इस कुएं में गिर गया। पिछले 3-4 दिन से वो कुएं से बाहर निकलने के लिए मदद मांग रहा था। लेकिन सुनसान इलाका होने के कारण उसकी आवाज किसी तक नहीं पहुंची। गुरुवार सुबह मवेशी चराने वाले लोगों ने ही कुएं से आवाज सुनी तो उसको बचाया जा सका।Corona: पंचायत चुनाव में प्रत्याशी से लेकर वोटर तक के लिए नये नियम



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