मौसम के बदलते मिजाज की वजह से एक बार फिर आम लोगों की जेब पर बोझ बढ़ सकता है। दरअसल, भारी बारिश और चक्रवात की वजह से देश के कई राज्यों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। ऐसे में प्याज समेत अन्य खरीफ (गर्मी के दिनों में बोई जाने वाली) फसलों को नुकसान होने की आशंका है। 

हाल ही में क्रिसिल रिसर्च की एक रिपोर्ट में भी प्याज की कीमतें बढ़ने की आशंका जाहिर की गई है। इस रिपोर्ट के मुताबिक अक्टूबर-नवंबर के दौरान प्याज की कीमतें ऊंची बने रहने की आशंका है। इसमें कहा गया है कि खरीफ फसल की आवक में देरी और चक्रवात के कारण बफर स्टॉक में रखे माल का जीवन अल्पावधि का होने से कीमतों में वृद्धि की संभावना है।

मौसम विभाग को भी आशंका: भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) और राष्ट्रीय मौसम एजेंसी ने शनिवार को एक अलर्ट में कहा कि बाढ़ के कारण कुछ क्षेत्रों में बागवानी और खड़ी फसलों को नुकसान हो सकता है। वहीं उत्पादकों का कहना है कि पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों के कई जिलों में चावल के खेत पानी में डूब गए हैं। उत्तराखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में भी बाढ़ की वजह से फसलों पर बुरा असर पड़ा है। भारी बारिश का ये मौसम ऐसे समय में आया है जब आमतौर पर मॉनसून खत्म होने की कगार पर रहता है।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट: पंजाब के कृषि विभाग के एक पूर्व कृषि विज्ञानी अशोक रंजेन ने कहा, “अगर भारी बारिश जारी रहती है, तो पैदावार प्रभावित हो सकती है।” वहीं, आईएमडी ने भी भारी बारिश का अनुमान लगाया है।

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निजी डेटा फर्म सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी का कहना है कि कम पैदावार या उत्पादन, खाद्य कीमतों को प्रभावित कर सकता है। आपको बता दें कि कोविड काल में छंटनी या अन्य कारणों से एक मिलियन से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। 



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