कोरोना महामारी के बीच सुरक्षित रूप से विधानसभा चुनाव कराना चुनाव आयोग के लिए एक मुश्किल टास्क है. हालांकि, चुनाव आयोग इस बात को लेकर आश्वस्त है कि अगले साल उत्तर प्रदेश और पंजाब समेत पांच राज्यों में समय पर ही चुनाव कराए जाएंगे. यह बात मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कही है.

उन्होंने कहा कि हमें बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान अनुभव मिला. इसके साथ ही कोरोना महामारी के दौरान पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों में चुनाव कराए गए.

मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने कहा कि चुनाव कराना और विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने से पहले विजयी उम्मीदवारों की सूची राज्यपाल को सौंपना चुनाव आयोग का सबसे महत्वपूर्ण कर्तव्य है.

गौरतलब है कि इससे पहले कोरोना काल में कराए गए पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के दौरान क्या कमी रह गई, इस बात का लगाने के लिए चुनाव आयोग ने एक कमेटी का गठन किया. चुनाव प्रक्रिया में लगातार सुधार के मकसद से भारतीय चुनाव आयोग (Election Commission of India) के सेक्रेटरी जनरल की अध्यक्षता में बनाई गई यह कमेटी असम, बिहार, केरल, तमिनलाडु, पश्चिम बंगाल और पुदुचेरी में हुए चुनाव के दौरान अनुभव और खामियों का पता लगाएगी. इस कमेटी में चुनाव आयोग के उप-चुनाव आयुक्तों के साथ ही हाल के चुनावी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों और कुछ चयनित विशेष पर्यवेक्षक और पर्यवेक्षकों को इसका सदस्य बनाया गया था.

ये भी पढ़ें: विधानसभा चुनावों के दौरान रह गई कमियों का पता लगाने के लिए चुनाव आयोग ने बनाई कमेटी





Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here