यूपी में बाढ़ का कहर जारी है। प्रदेश के 24 जिलों के 1171 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। राहत आयुक्त रणवीर प्रसाद ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि बाढ़ प्रभावितों की मदद की जाए। बाढ़ में फंसे लोगों को निकाल कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए, जिससे जनहानि न होने पाए।

राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक मिर्जापुर, प्रयागराज, जालौन, बांदा, हमीरपुर, बलिया, वाराणसी, इटावा, कौशांबी, बांदा, कानपुर देहात के कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। फर्रुखाबाद, चित्रकूट, आगरा, चंदौली, गाजीपुर, बहराइच, गोरखपुर, सीतापुर, खीरी, शाहजहांपुर, गोंडा, अयोध्या व फतेहपुर के कुछ गांव भी बाढ़ की चपेट में हैं। 

कचलाब्रिज (बदायूं), फाफामऊ (प्रयागराज), प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी, गाजीपुर व बलिया में गंगा नदी खतरे के निशान के ऊपर बह रही है। काल्पी (जालौन), हमीरपुर, चिल्लाघाट (बांदा), नैनी (प्रयागराज) में यमुना खतरे के निशान के ऊपर बह रही है।

प्रदेशभर में 1228 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। पिछले 24 घंटे के दौरान 70050 लंच पैकेट बाढ़ पीड़ितों में बांटे गए। बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए 1992 नावें लगाई गई हैं, जिससे जरूरत के आधार पर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके। बचाव व राहत कार्यों के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की टीमें लगाई गई हैं। प्रदेश के 43 जिलों में कुल 59 टीमें रेस्क्यू की कार्यवाही चल रही है।



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