उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों में अब एक साल से भी कम का वक्त बचा है और इस बीच सभी पार्टियों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। वहीं बीजेपी की ओर से भी लखनऊ से लेकर दिल्ली तक में बैठकों का दौर जारी है। सीएम योगी आदित्यनाथ को लेकर भी तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। पिछले सप्ताह उनके दिल्ली जाकर पीएम नरेंद्र मोदी, होम मिनिस्टर अमित शाह और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की थी। उसके बाद से अटकलें और तेज हो गई थीं। हालांकि अब तक इस संबंध में कोई फैसला नहीं हो सका है।

इस बीच सीएम योगी आदित्यनाथ को यूपी विधानसभा का चेहरा बनाए जाने के सवाल पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने खुलकर कुछ भी कहने से इनकार किया है। केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि इस संबंध में फैसला केंद्रीय नेतृत्व की ओर से फैसला लिया जाएगा। मौर्य ने आज तक टीवी चैनल से बातचीत में कहा, ‘योगी आदित्यनाथ मेरे मुख्यमंत्री हैं और मैं उनका डिप्टी सीएम हूं। इस बारे में मैं कैसे बोल सकता हूं। हमारी पार्टी की एक परंपरा है कि केंद्रीय नेतृत्व ही किसी राज्य में लीडरशिप को लेकर फैसला लेता है। राज्य का कोई भी नेता इस बारे में कुछ भी बोलने का अधिकारी नहीं है।’ 

बता दें कि मई के आखिरी दिनों में बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष लखनऊ के दौरे पर दो दिनों के लिए आए थे। इस दौरान उन्होंने यूपी के कई मंत्रियों और विधायकों से मुलाकात की थी। इसके बाद से ही यह कयास लग रहे थे कि उन्होंने पार्टी के नेताओं से सरकार का फीडबैक लिया है और आने वाले दिनों में कुछ फेरबदल किए जा सकते हैं। इसके बाद जब सीएम योगी आदित्यनाथ दिल्ली पहुंचे और ताबड़तोड़ मीटिंगों का दौर शुरू हुआ तो एक बार फिर से चर्चाएं तेज हुई हैं। हालांकि बीजेपी के सूत्र लगातार यह कहते रहे हैं कि राज्य में नेतृत्व परिवर्तन नहीं होगा, लेकिन कैबिनेट विस्तार किया जा सकता है। इसके जरिए राज्य में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने का प्रयास किया जा सकता है।



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