Main Battle Tank: भारतीय सेना की आर्मर्ड ब्रिगेड को और अधिक मजबूत और घातक बनाने के लिए रक्षा मंत्रालय ने 118 नए मेन बैटल टैंक (एमबीटी) अर्जुन-मार्क1ए का ऑर्डर दिया है. आत्मनिर्भर भारत के तहत रक्षा मंत्रालय ने 7523 करोड़ का ये आर्डर तमिलनाडु के अवाडी स्थित ओएफबी की एचवीएफ फैक्ट्री को दिया है. ये नए टैंक आसानी से मूव कर ही सकते हैं, रात में भी गोलाबारी करने में सक्षम हैं. 

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, अर्जुन टैंक के नए वर्जन (मार्क-1ए) में पुराने (मार्क-1) के मुकाबले 72 नए फीचर हैं. जिसके चलते ये पुरी तरह से स्टेट-ऑफ-द-आर्ट टैंक हैं. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक नए मार्क-1ए टैंक से ज्यादा सटीक निशाना और घातक फायर-पॉवर किया जा सकता है. यहां तक की इन नए टैंक से खड़े हुए और चलते हुए भी गोला दागा जा सकता है. नए टैंक में सुरक्षा के भी ज्यादा इंतजाम किया गया है, जिसके चलते ये पूरी दुनिया में अपने क्लास के सभी टैंकों की बराबरी करता है. इसे पूरी तरह से भारत की जलवायु और भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है.

आत्मनिर्भर भारत को मिलेगा बढ़ावा

आपको बता दें कि इसी साल फरवरी के महीने में प्रधानमंत्री मोदी अवाडी स्थित हैवी व्हीकल फैक्ट्री (एचवीएफ) के दौरे पर गए थे और उस दौरान उन्होंने थलसेना प्रमुख को अर्जुन टैंक का मॉडल सौंपा था. रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को बयान जारी करते हुए कहा कि नए ऑर्डर से मेक इन इंडिया के तहत आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा मिलेगा. नए ऑर्डर से अवाडी फैक्ट्री से जुड़ी करीब 200 छोटी बड़ी कंपनियों में 8000 लोगों को रोजगार मिलेगा क्योंकि नए मार्क-1ए टैंक में स्वदेशी मैटेरियल ज्यादा इस्तेमाल किया गया है.

हालांकि, अर्जुन टैंक को लेकर हमेशा सवाल खड़े होते रहे हैं, खासकर वजन को लेकर. दरअसल, अर्जुन टैंक का वजन करीब 70 टन है (68.50 टन). ऐसे में टैंक को एक लोकेशन से दूसरी लोकेशन तक पहुंचाने में काफी दिक्कत आ सकती है. यहां तक की ट्रेन से ले जाने में दिक्कतें आ सकती हैं. ज्यादा वजन होने के चलते रेगिस्तान में भी टैंक की मूवमेंट को लेकर दिक्कतें सामने आई हैं. लेकिन गुरुवार को रक्षा मंत्रालय ने साफ कर दिया कि नया मार्क-1ए टैंक सभी तरह की टेरेन में तेजी से मूवमेंट कर सकता है. 



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