रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तीन दिवसीय रूस यात्रा पर सोमवार (22 जून) को रवाना हुए। उम्मीद की जा रही है कि इस दौरान वो रूस पर इस बात के लिए जोर दे सकते हैं कि एस-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम को समय पर भारत को सौंप दिया जाए। इसके साथ ही वह दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सामरिक रिश्तों को मजबूत करने के लिए रूस के उच्च सैन्य अधिकारियों के साथ वार्ता करेंगे।

इससे पहले वे द्वितीय विश्व युद्ध में नाजी जर्मनी पर सोवियत विजय की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य सैन्य परेड में शामिल होंगे। कोविड-19 महामारी के मद्देनजर चार महीने तक यात्रा पर लगे प्रतिबंध के बाद किसी वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री की यह पहली विदेश यात्रा है। रक्षा मंत्री की रूस यात्रा ऐसे समय हो रही है जब लद्दाख में चीन के साथ भारत का गतिरोध बरकरार है।

मास्को रवाना होने से पहले सिंह ने ट्वीट किया, “तीन दिवसीय यात्रा पर मास्को रवाना हो रहा हूं। यह यात्रा भारत-रूस रक्षा और सामरिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए बातचीत का अवसर देगी। मुझे मास्को में 75वीं विजय दिवस परेड में भी शामिल होना है।” 

अधिकारियों ने कहा कि चीन के साथ सीमा पर तनाव होने के बावजूद सिंह ने रूस की यात्रा स्थगित नहीं की क्योंकि रूस के साथ भारत के दशकों पुराने सैन्य संबंध हैं। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री रूस के उच्च अधिकारियों के साथ दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग बढ़ाने को लेकर कई बैठकें करेंगे। भारतीय सशस्त्र सेनाओं के तीनो अंगों का सम्मिलित 75 सदस्यीय एक दस्ता परेड में हिस्सा लेने पहले ही मास्को पहुंच चुका है।





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