तेज प्रताप यादव रविवार रात नौ बजे अपने आवास के सामने स्ट्रैंड रोड पर धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव को तो समझना चाहिए था कि आज मेरे भी पिता पटना आए हैं। आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने पार्टी को बर्बाद कर दिया। यही हाल रहा तो मेरा अर्जुन गद्दी पर नहीं बैठ पाएगा। बाद में तेज प्रताप का धरना तुड़वाने लालू प्रसाद और राबड़ी देवी उनके आवास पर पहुंची। तेज प्रताप ने लालू प्रसाद यादव का पैर धोया और इसी के साथ लालू प्रसाद और राबड़ी देवी दोनों वापस चले गए और तेज प्रताप भी अपने आवास में चले गए।
बता दें कि करीब तीन साल बाद राजद प्रमुख लालू यादव रविवार की शाम पटना पहुंचे। लालू के पटना आने के बाद भी राजद की अंदरूनी लड़ाई खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। परिवार के अंदर चल रहा विवाद उस वक्त और गहरा गया जब एयरपोर्ट से साथ आये तेज प्रताप को राबड़ी आवास में प्रवेश की इजाजत नहीं दी गई। वह आवास के गेट से लौट गये और ऐलान कर दिया कि जब तक प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह को पार्टी से नहीं निकालेंगे, तब तक हमारा राजद से कोई मतलब नहीं है।
#WATCH | Patna: RJD leader Tej Pratap Yadav met his father Lalu Prasad Yadav at the latter’s residence.
Tej Pratap was protesting outside Lalu Prasad’s residence alleging that he was stopped by “RSS agents” from meeting his father. pic.twitter.com/eXGbyJvNTO
— ANI (@ANI) October 24, 2021
#WATCH | Patna: RJD leader Tej Pratap Yadav met his father Lalu Prasad Yadav at the latter’s residence.
Tej Pratap was protesting outside Lalu Prasad’s residence alleging that he was stopped by “RSS agents” from meeting his father. pic.twitter.com/eXGbyJvNTO
— ANI (@ANI) October 24, 2021
तेज प्रताप यादव ने जगदानंद सिंह पर आरोप लगाया कि पटना एयरपोर्ट पर उन्होंने हमें धक्का देकर बाहर जाने को कहा। राजद, छात्र व युवा राजद के गुंडों द्वारा भी हमें धकेला गया। जगदानंद सिंह आरएसएस के आदमी हैं और हम बहुत बड़ा कदम उठाने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैंने दिल्ली से निकलने के पहले ही मां और पिताजी से फोनकर आग्रह किया कि हमारे आवास से पांच मिनट होते हुए जाइये। लेकिन वहां भी शायद जगदानंद सिंह ने मना कर दिया। यह बहुत ही बड़ा खुशी का मौका था। सबको एक होने का मौका था। आरोप लगाया कि लेकिन जगदानंद और संजय यादव नहीं चाहते कि हमलोग एक साथ रहें।
बता दें कि इसके पहले राबड़ी देवी पटना आई थी तो सबसे पहले तेज प्रताप के आवास पर गई थीं। लेकिन तब तेज प्रताप उनसे मिले बिना ही घर से निकल गये थे। उसके दो-तीन दिन बाद राबड़ी देवी दिल्ली वापस लौट गई और बोल दिया कि लालूजी की तबियत खराब है वह अभी नहीं आएंगे। लेकिन, फिर लालू प्रसाद के आने का कार्यक्रम अचानक बना तो लगा कि वह अंदरूनी खींचतान को बंद कराने में सफल होंगे। लेकिन, विवाद और गहराता नजर आने लगा है। तेज प्रताप के तेवर आर-पार के मूड में दिखने लगे हैं।







