पेट्रोल-डीजल (Petrol-Diesel) की बढ़ती कीमतों से आम आदमी काफी परेशान है। ऐसे में अगर आपको पता चले की जल्द पेट्रोल-डीजल की कम हो सकती है, तो ये जानकार आप जरूर खुश हो जाएंगे। दरअसल बता ये है कि गोल्डमैन सैक्स ग्रुप इंक के अनुसार, अगर वैश्विक तेल की कीमतों में और तेजी आती है, तो भारत को इन्फ्लेशन के दबाव को कम करने के लिए फ्यूल टैक्स में और कटौती करने की आवश्यकता पड़ सकती है, ये एक ऐसा कदम होगा जो देश के राजस्व संग्रह को थोड़ा कम करेगा।

 

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गोल्डमैन सैक्स के वरिष्ठ भारतीय अर्थशास्त्री शांतनु सेनगुप्ता ने ब्लूमबर्ग टेलीविजन को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि यदि क्रूड ऑइल की ऊंची कीमतें होती हैं तो उसका सीधा पेट्रोल पंप पर मिलने वाले पेट्रोल और डीजल की कीमत पर दिखाई देता है। अगर साल के अंत तक तेल 105 डॉलर प्रति बैरल हो जाता है तो भारत सरकार एक्साइज ड्यूटी में कटौती करेगी। रूस और यूक्रेन के बीच तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास मँडरा रहा है। गोल्डमैन सहित वॉल स्ट्रीट बैंकों के एक समूह ने भविष्यवाणी की है कि वैश्विक बाजार में मजबूती के साथ इस साल तेल 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच जाएगा।

 

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भारत ने पेट्रोल और डीजल की रिकॉर्ड कीमतों से उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए नवंबर में खुदरा ईंधन पर टैक्स कम किया। सेनगुप्ता ने कहा कि टैक्स में और कमी से अगले वित्त वर्ष में एक्‍साइज ड्यूटी रेवेन्‍यू में थोड़ी कमी हो सकती है, जो 1 अप्रैल से शुरू होता है, लेकिन कुल मिलाकर सरकार के राजस्व में एक मजबूत वसूली की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि महंगाई के मोर्चे पर, तेल की कीमतों में स्पष्ट रूप से चोट लगी होगी। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि भारतीय रिजर्व बैंक इस कैलेंडर वर्ष में तीन बार नीतिगत दरों में कुल 75 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी करेगा।



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