जियो प्लेटफॉर्म की स्थिति इस वक्त काफी मजबूत है. यही वजह है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज इसका इस्तेमाल निवेशकों को जुटाने में कर रही है.

मुकेश अंबानी अपनी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज को अगले साल तक पूरी तरह कर्ज मुक्त करना चाहते हैं. इसलिए धड़ाधड़ निवेशक जुटा रहे हैं. जियो प्लेटफॉर्म में लगातार दसवें निवेशक की हिस्सेदारी इसका सबूत है. मुकेश अंबानी को उम्मीद है कि मार्च 2021 से पहले रिलायंस इंडस्ट्रीज पूरी तरह कर्ज मुक्त हो जाएगी.

जियो प्लेटफॉर्म्स में अब तक लगातार दसवें निवेशक ने निवेश किया है. सबसे नया निवेशक है कि सऊदी अरब का पब्लिक इनवेस्टमेंट फंड (PIF).इसने इसकी 2.32 फीसदी हिस्सेदारी 11,367 करोड़ रुपये में खरीदी है. लगातार नौवें सप्ताह में जियो प्लेटफॉर्म्स में यह दसवीं हिस्सेदारी है. जियो प्लेटफॉर्म अब तक अपन 24.70 फीसदी हिस्सेदारी बेच कर 1.6 लाख करोड़ रुपये जुटा चुका है.

जियो प्लेटफॉर्म के जरिये जुटा रहे हैं फंड

मुकेश अंबानी जियो के राइट इश्यू से 53,124 करोड़ रुपये हासिल हो चुके हैं. जियो प्लेटफॉर्म की हिस्सेदारी बेचने से हासिल रकम और राइट इश्यू से आए पैसे से रिलायंस इंडस्ट्रीज अपना कर्ज चुकाने में काफी हद तक कामयाब हो जाएगी. रिलायंस इंडस्ट्रीज पर 1.61 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है. कंपनी का लक्ष्य खुद को 2021 तक पूरी तरह कर्ज मुक्त करना है.

जियो प्लेटफॉर्म की स्थिति इस वक्त काफी मजबूत है. यही वजह है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज इसका इस्तेमाल निवेशकों को जुटाने में कर रही है ताकि इससे आए पैसे का इस्तेमाल रिलायंस इंडस्ट्रीज का कर्जा चुकाने में किया जा सके.पिछले साल तक जियो के सब्सक्राइवर्स की तादाद 40 करोड़ तक पहुंच चुकी थी. जियो अब ई-कॉमर्स और डिजिटल बिजनेस का बड़ा प्लेटफॉर्म बन कर उभरा है.

दुनिया भर में इस वक्त  टेलीकॉम डील में 50 फीसदी की गिरावट आई है. ऐसे वक्त में जियो प्लेटफॉर्म में हिस्सेदारी खरीदने की निवेशकों की होड़ से ऐसा लगता है कि वे आने वाले दिनों में इसके ग्रोथ की जबरदस्त संभावना देख रहे हैं. जियो मार्ट की शुरुआत ने रिलायंस ने ई-रिटेलिंग के मैदान में अपनी रणनीति लागू करने की शुरुआत कर दी है.



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