अमेरिका की ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन की आपत्ति के बाद फ्यूचर रिटेल-रिलायंस रिटेल की डील भले ही अधर में हो लेकिन अब भी किशोर बियानी की अगुवाई वाली कंपनी फ्यूचर रिटेल लिमिटेड (एफआरएल) की कोशिशें जारी हैं।

दरअसल, फ्यूचर और रिलायंस रिटेल की विवादित डील एक बार फिर कोर्ट में पहुंच गई है। फ्यूचर रिटेल ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। दिल्ली हाईकोर्ट ने रिलायंस रिटेल के साथ के कंपनी के सौदे पर यथास्थिति कायम रखने और सिंगापुर के आपात पंचाट के आदेश के प्रवर्तन का निर्देश दिया था। आपको यहां बता दें सुप्रीम कोर्ट ने रिलायंस और फ्यूचर रिटेल की डील पर अमेजन के पक्ष में फैसला सुनाया था। सुप्रीम कोर्ट ने सिंगापुर के आर्बिट्रेशन कोर्ट के उस आदेश को सही बताया था जिसमें RIL और फ्यूचर रिटेल की डील पर रोक लगाई गई थी। अब फ्यूचर रिटेल ने अमेजन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक नई याचिका दी है। 

क्या कहा फ्यूचर रिटेल ने: शेयर बाजारों को भेजी सूचना में फ्यूचर रिटेल ने कहा, ‘‘कंपनी ने दो फरवरी, 2021 और 18 मार्च, 2021 को सुनाए गए एकल न्यायाधीश के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अवकाश याचिका (एसएलपी) दायर की है। समय के साथ इसे सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा।’’

दिल्ली हाईकोर्ट ने क्या कहा था: दिल्ली हाईकोर्ट की एकल न्यायाधीश की पीठ ने दो फरवरी को फ्यूचर रिटेल को रिलायंस रिटेल के साथ 24,713 करोड़ रुपए के सौदे में यथास्थिति कायम रखने का निर्देश दिया था। अमेरिका की ई-कॉमर्स क्षेत्र की दिग्गज कंपनी अमेजन ने इस सौदे पर आपत्ति जताई थी। न्यायमूर्ति जेआर मिधा ने कहा था कि अदालत इस बात को लेकर संतुष्ट है कि अमेजन के अधिकारों के संरक्षण के लिए तत्काल अंतरिम आदेश पारित करने की जरूरत है। इसके बाद 18 मार्च को अदालत ने सिंगापुर आपात पंचाट (ईए) के फ्यूचर रिटेल को रिलायंस रिटेल को अपना कारोबार 24,713 करोड़ रुपए में बेचने के सौदे पर रोक के आदेश को उचित ठहराया था।

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न्यायमूर्ति जेआर मिधा ने फ्यूचर रिटेल को निर्देश दिया था कि वह रिलायंस के साथ सौदे पर आगे कोई कार्रवाई नहीं करे। अदालत ने कहा था कि समूह ने जानबूझकर ईए के आदेश का उल्लंघन किया है। हाईकोर्ट ने फ्यूचर समूह की सभी आपत्तियों को खारिज कर दिया था।



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