पाकिस्तान की असेंबली से तरह-तरह के वीडियोज सामने आते रहते हैं। इस बार प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ के नेताओं की आपसी मारपीट का वीडियो सामने आया है। दरअसल, सिंध विधानसभा में तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के नेताओं और ‘बागी’ नेताओं के बीच में झगड़ा हो गया। बागी नेताओं ने सीनेट चुनाव के दौरान अपनी मर्जी से वोट डालने की बात कही थी, जिसके बाद पीटीआई के नेताओं ने असेंबली को ही युद्ध का मैदान बना दिया।
पीटीआई के तीन बागी नेता- असलम आबरो, शहरयार शार और करीब बख्श गाबोल-जैसे ही सिंध असेंबली में दाखिल हुए, वैसे ही पीटीआई के नेताओं ने उन पर धावा बोल दिया। पीटीआई नेता उनके अपनी ‘मर्जी’ से वोटिंग करने की बात से खफा थे।
इस पूरी घटना का सोशल मीडिया पर वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि नेताओं के बीच में मारपीट हो रही है। हालांकि, उसी दौरान असेंबली में कई सिक्योरिटी गार्ड्स भी पहुंच गए और नेताओं को एक-दूसरे से अलग करने की कोशिश की। इस मारपीट में पीपीपी के नेता भी शामिल हो गए।
Scenes when three dissident PTI MPAs attended Sindh Assembly ahead of Senate elections pic.twitter.com/sOZigAHqUA
— Murtaza Ali Shah (@MurtazaViews) March 2, 2021
आबरो ने मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट कर दिया था कि वे और उनके साथ वाले नेता पार्टी लाइन पर वोट नहीं करेंगे। उन्होंने सीनेट टिकटों को बेचे जाने का आरोप लगाया था और कहा था कि वह सैफुल्लाह आबरो और फैसल वावडा के चुने जाने से सहमत नहीं हैं।
सोमवार को, पीटीआई की लोकल लीडरशिप ने आरोप लगाया था कि पीपीपी उनके विधायकों को आगामी सीनेट चुनाव में अपनी ओर करने के लिए दबाव बना रही है। पीटीआई के कराची अध्यक्ष खुर्रम शेर जमां ने कहा था कि उनके विधायकों को किडनैप कर लिया गया है, जिसकी वजह से वे पार्टी के संपर्क में नहीं हैं। हालांकि, बाद में विधायकों ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा था कि उन लोगों को किडनैप नहीं किया गया था।







